आरबीआई गवर्नर को भाजपा किसान मोर्चा की नसीहत, बैलेंसशीट से न देखें यूपी कर्ज माफी को

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के कर्ज माफी की पहल को रिजर्व बैंक ने सही नहीं माना है। इसपर सवाल उठाने पर भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्चित पटेल को नसीहत देते हुए उन्हें प्रशासनिक संवेदनशीलता सीखने की सलाह दी है।
मस्त ने कहा है कि शासन केवल बैलेंसशीट से नहीं समाज की आपात जरुरतों के प्रति संवदेनशील कर्तव्य निर्वाह से चलता है। दो दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य के लघु एवं सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के फसली कर्ज माफ करने पर उर्जित पटेल ने चिंता जताई थी। कर्ज काफी से यूपी सरकार पर 36 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। पटेल ने इसे कर्जदाताओं के लिहाज से गलत बताया है। उन्होंने ऐसे कमद न उठाने की सरकारों को सलाह दी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर का कहना है कि ऐसे कदम उठाने से सरकारों को बचना चाहिए। इसपर भाजपा के मस्त ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्ज माफी नियम नहीं बन सकता, पर आपात स्थिति में इसके अलावा कोई चारा भी नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर राज्य को जरुरत और स्थिति के अनुसार ऐसे कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अपील भाजपा शासत राज्यों से भी है तो दूसरे प्रदेश सरकारों से भी। कांग्रेस काल में माफ किए 60 हजार करोड़ रुपये के कर्ज से इसे अलग बताते हुए मस्त ने कहा कि उस वक्त उन ईमानदार किसानों को बाहर रखा गया था जो कर्ज की किस्तें चुका रहे थे। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने उन्हें भी लाभ दिया हैै। बहरलाल, मस्त की नसीहत पर अमल करते हुए महाराष्ट्र एवं हरियाणा में भी किसानों की कर्ज माफी को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
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