कृषि मंत्री ने किया देश का पहला संपूर्ण कृषि न्यूज पोर्टल खेत बाजार का उद्घाटन

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला ग्राउंड में हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित द्वितीय कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन में देष का संपूर्ण पहला कृषि आधारित न्यूज पोर्टल की शुरुआत हुई। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एसएस अहलूवालिया की मौजूदगी में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने क्लिक कर पोर्टल khetbazaar.com का विधिवत उद्घाटन किया।
इस मौके पर मौजूद छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की न्यूज पोर्टल आज के किसानों की जरुरत है, जब तक किसानों को समुचित ज्ञान नहीं होगा, तब तक उनकी आमदनी दोगुनी नहीं हो सकती। उनके आमदनी में इस तरह का समग्र पोर्टल सहायक बनेगा। हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने इस पोर्टल की सराहना करते हुए किसानों के लिए लाभकारी बताया।
भाजपा किसान मोर्च के प्रदेश अध्यक्ष समय सिंह भाटी ने कहा कि आज का किसान अपडेट रहना चाहता है। सरकार की नीतियों को जानना चाहता है, बाजार की हलचल समझना चाहता है। खेत बाजार डॉट कॉम इसे पूरा करने में सक्षम है।
खेत बाजार डॉट कॉम के निदेशक मलिक असगर हाषमी ने अभी कोई ऐसा माध्यम नहीं है जो सरकार, किसान और कृषि व्यापार को एक साथ एक ही जगह हर दिन हर पल इकट्ठा रख सके। इसी कल्पना के साथ किसानों के हित को ध्यान में पोर्टल की शुरुआत कृषि षिखर सम्मेलन में किया गया। खेत बाजार की योजना है कि रोज किसानों तक उनको लाभ पहुंचाने वाली सरकारी नीति, घोषणा, योजना, कंपनियों के आधुनिक तकनीक, गैर सरकारी संस्थाओं के प्रयास को उन तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही एक किसान की आवश्यकता, उनकी व्यक्तिगत समस्या, खेती-किसानी की समस्या को भी इस पोर्टल के माध्यम से कृषि मंत्रालय, सरकारी संस्थाएं, प्रषासन, गैर सरकारी संस्थाओं और कंपनियों तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया और किसानों के प्रति दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए यह पोर्टल अभी तक संचालित सभी पोर्टलों से अलग है। यह 100 प्रतिषत कृषि आधारित पोर्टल है, इसमें किसान और कृषि, उनकी नीतियों, संभावनाएं, उम्मीदों को ध्यान में रखकर समाचार, विचार, विषेषज्ञों की राय, आधुनिक तकनीक से खेती और पैदावार को लेकर साक्षात्कार आदि तीनों माध्यम वीडियो, ऑडियो और लेखन के जरिये रखी जाएगी। यह एक ऐसा मल्टी डायमेंशन फलाईओवर होगा, जिसके माध्यम से किसान, कृषि से संबंधित चिंतक, कृषि समर्थित सरकारें, लाभ पहुंचाने वाली कंपनियां और गैर सरकारी संस्थाएं बड़ी आसानी से पहुंच बना सकेगी।
उन्होंने बताया कि अभी कृषि और किसानों के बारे में देने वाली जानकारियां देने वाली कई सरकारी संस्थाए, गैर सरकारी संस्थाएं, शिक्षण संस्थाएं, निजी कंपनियां, कृषि वैज्ञानिक डिजिटल के माध्यम से जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन किसी के लिए भी एक साथ इतने बड़े डिजिटल वर्ल्ड पर नजर रखना संभव नहीं है, खासकर किसानों के लिए असंभव है।

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