कृषि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट से घबराए मोदी सुनेंगे अर्थशास्त्रियों की मन की बात

प्रत्येक रविवार देश को मन की बात सुनाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को देश के धुंधर अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों को सुनेंगे। देश की आर्थिक दशा पर राय लेने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है।
नीति आयोग में होने वाली इस बैठक में कैबिनेट के शीर्ष मंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और प्रधानमंत्री की इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य भी हिस्सा लेंगे। यह बैठक एनडीए सरकार के अंतिम पूर्ण बजट पेश करने से पहले होने जा रही है। हाल के आंकड़ों से इकॉनमी में और मंदी आने के संकेत मिले हंै। इसके अलावा 2019 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में मंदी का बड़ा प्रभाव भारतीय जनता पार्टी का खेल बिगाड़ सकता है। स्टैटिस्टिक्स ऑफिस ने पिछले सप्ताह 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ 6.5 पर्सेंट रहने का अनुमान जाहिर किया था। यह पिछले चार वर्षों में इकॉनमी की सबसे कम ग्रोथ होगी। पिछले वर्ष जीडीपी ग्रोथ 7.1 पर्सेंट थी। कम ग्रोथ के अनुमान के पीछे कृषि और मैन्युफैक्चरिंग में धीमी ग्रोथ कारण बताए गए हैं। हालांकि, अनुमानों से दूसरी छमाही में ग्रोथ बढक़र 7 पर्सेंट होने के संकेत हंै। पहली छमाही में 6 पर्सेंट की थी।
बताते हैं कि प्रधानमंत्री की अर्थशास्त्रियों के साथ मीटिंग बंद दरवाजे में होगी। इस दौरान अर्थशास्त्री, इकनॉमिक ग्रोथ में रुकावट डालने वाले कारणों की जानकारी देेंगे। वे उन सेक्टर्स के लिए अपने सुझाव भी देंगे जिनमें ग्रोथ बढ़ाने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। यह प्री-बजट मीटिंग है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और मेक इन इंडिया को मजबूत करने, एक्सपोर्ट बढ़ाने, किसानों की आमदनी दोगुनी करने के तरीकों और देश में रोजगार बढ़ाने के उपायों पर विमर्श होगा। बैठक में अर्थशास्त्री टैक्सेशन और टैरिफ से संबंधित मामलों, एजुकेशन, डिजिटल टेक्नॉलजी, हाउसिंग, टूरिज्म, बैंकिंग और ग्रोथ बढ़ाने के लिए भविष्य के कदमों पर अपनी राय देेंगे। इनमें से कुछ उपाय एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में शामिल किए जा सकते हंै। सरकार ने प्रधानमंत्री के लिए इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल बनाई थी। इसके प्रमुख नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय हैं। इसमें सुरजीत भल्ला, रथिन रॉय और आशिमा गोयल जैसे अर्थशास्त्री भी शामिल हैं। बैठक में अर्थशास्त्रियों के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, सडक़ परिवहन, राजमार्ग, शिपिंग और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह और राज्य मंत्री (नियोजन) राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद रहेंगे।

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