गेहूं, सरसों की बंपर पैदावार से मोटी कमाई पर बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि का खतरा

गेहंूं और सरसों की बंपर पैदावार से बेहतर कमाई की आस रखने वालों की उम्मीद पर पानी फिर सकता है। देश के विभिन्न हिस्सों में रह-रहकर होने वाली बरसात, तेज हवाएं और जगह-जगह ओलावृष्टि से किसान बेहद मायूस हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चौबीस घंटे में पंजाब, राजस्थान एवं हरियाणा में तेज हवाओें के साथ बारिश के संकेत दिए हैं।
यह मौसम फसलों की कटाई और मंडियों में खरीद का है। देशभर में इस महीने की पहली तारीख से गेहूं, सरसों की खरीद प्रारंभ हो गई है। इसलिए खेत, खलिहान से लेकर मंडियों तक गहमागहमी है। किसान या तो अनाज बेचने मंडियों को आ रहे हैं या कटाई कर बेचने की तैयारियों मंे हैं। इस बीच दो दिनों से बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला चला हुआ है। पहाड़ी क्षेतों में ओलावृष्टि एवं बर्फबारी से सेब और चेरी की फसरों को काफी नुक्सान पहुंचा है। इस मौसम से आम की पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
बरिश के कारण हरियाणा में खेतों एवं मंडियों में पड़ी गेहूं, सरसों की फसल बुरी तरह भीग चुकी है। अनाज में नमी आने से किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ सकती है। कई बार समुचित दाम नहीं मिलते। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश की संभावना है। वहां के मौसम में बदलाव का असर दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब पर भी पड़ेगा। अगले एक दो दिनों तक बूंदा-बांदी के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिलसिला लंबा आगे भी रहा तो किसानों का भारी नुक्सान उठाना पडे़गा। हिमाचल प्रदेश के शिमला के रामपुर में बुधवार तड़के आसमानी बिजली गिरने से गुलशन और ताराचंद नामक दो व्यक्तियों की मौत हो गई। जबकि हरियाणा के जगाधरी, बल्लभगढ़, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र में बारिश से कई जगह मंडियों एवं खेतों में पानी भर गया है।

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