छत्तीसगढ़ में धान और मक्का की खरीद शुरू, किसान समर्थन मूल्य में मामूली वृद्धि से संतुष्ट नहीं

छत्तीसगढ़ सहायता मूल्य नीति के तहत इस प्रदेश में किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य देने के लिए धान और मक्का की खरीद का विशेष अभियान शुरू कर दिया गया। इसके लिए समर्थन मूल्य में थोड़ी वृद्धि की गई है, जो किसानों को रास नहीं आ रहा।
योजना के पहले दिन बुधवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले के गांव अंजोरा के धान खरीद केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हांेने मंडी में अपनी उपज बचेने आए किसानों से बातचीत की और उन्हें खरीद केंदों पर राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी ।
मुख्यमंत्री ने यह जानने के लिए तराजू का निरीक्षण किया और धान की गुणवत्ता देखी कि कहीं किसानों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही । इस दौरान डॉ सिंह ने किसानों से अपील की कि वे मंडी में बेचने के लिए साफ धान ले कर आएं, ताकि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से धान की खरीद राज्य सरकार द्वारा पूर्व घोषित नीति के अनुसार की जा रही है। उन्हें धान बेचने वाले दिन ही इसका मूल्य इनके बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाएगा। समर्थन मूल्य नीति के अंतर्गत धान 31 जनवरी 2018 और मक्का की खरीद 31 मई 2018 तक किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री ने किसानों को जानकारी दी कि धान के समर्थन मूल्य में 80 रूपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है और इस वर्ष
मक्का की कीमत 60 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा कर दी जा रही है । किसान निर्धारित उत्पादन केंद्रों पर इस दर से मक्का बेच सकते हैं।
सरकार ने इस वर्ष लगभग 7 लाख मीट्रिक टन धान और 10 हजार मीट्रिक टन मक्का की खरीद का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य के सभी 27 जिलों में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ धान की खरीद कर रहा, जबकि मक्का छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा खरीदा जा रहा है। खरीद के लिए केंद्र सरकार ने जो मानक तय किए हैं, उसका पूरा पालन किया जाएगा।

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