प्रधानमंत्री के दिलचस्पी दिखाने से एसवाईएल मसला सुलझने की उम्मीद बढ़ी

सतलुज-यमुना लिंक नहर जल बटवारे को लेकर पंजाब एवं हरियाणा के बीच वर्षों से जारी विवाद के निपटने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले में हस्ताक्षेप करते हुए दोनों प्रदेशों की 20 अप्रैल को बैठक बुलाई है, ताकि मसले का हल ढूंढा जा सके। इससे पहले किसी अन्य प्रधानमंत्री ने दोनों प्रदेशों की बैठक बुलाकर आपसी सहमति बनाने की कोशिश नहीं की है। मोदी के हस्ताक्षेप करने की हाम भरने से दोनों ही प्रदेशों के मुख्यमंत्री बेहद खुश है। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री उनके हितों का ध्यान रखते हुए ऐसा रास्ता निकालेंगे जिससे किसी का अहित न हो।
पानी की दोनों ही प्रदेशों का आवश्यकता है, इसलिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री की पहल का कुछ ज्यादा ही दिल खोलकर स्वागत किया है। उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर भी खुश हैं। वह काफी दिनांे से चाह रहे थे कि पीएम विवाद को सुलझाने में दखल दें। इसके लिए उन्होंने मोदी से समय भी मांगा था। हालांकि, उन्हें मोदी की ओर से मसले को लेकर समय तो नहीं मिला, पर हरियाणा के प्रतिनिधियों की गुहार सुनने केलिए उन्हांेने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को अवश्य लगा दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही दिलचस्पी दिखाते हुए 20 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा की बैठक बुलाई है।
एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट में 12 अप्रैल को सुनवाई है। प्रधानमंत्री के हस्ताक्षेप के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की है। पंजाब की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट को कहा गया है कि सूबे में नई सरकार का गठन हुआ है, इसलिए मामला का अध्ययन करने का मौका दिया जाए। पंजाब सरकार की ओर से कोर्ट में एडवोकेट राम जेठमलानी, एडवोकेट जनरल अतुल नंदा, आरएस सूरी और भारत सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी मामले को रख रहे हैं। कैप्टन की दलील है कि एसवाईएल का निर्माण पंजाब को पानी से वंचित कर देगा। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में भी कहा था कि एसवाईएल समेत ऐसी किसी भी नहर के निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी। क्योंकि पंजाब के पास दूसरे राज्यों को बांटने केलिए पानी नहीं है। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पंजाब के हक में फैसला देंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री के हस्ताक्षेप के बाद दोनों प्रदेशों के पानी की जरूरतें कैसे पूरी होती हैं।
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