बड़े शहरों के करीब बसे किसानों की बदलेगी तकदीर, इसपर होगा दो दिन मंथन

किसानों का भाग्य बदलने और बड़े शहरों के उपभोक्ताओं को ताजी मच्छली, सब्जी, मीट उपलब्ध कराने को पेरी-एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। विकसित देशों की तर्ज भारत में कृषि को एक नया आयाम देने के लिए केंद्र एक नई योजना पर काम कर रही है। इसके प्रति किसानों, कृषि से जुड़े कारोबारियों, उद्यमियों, संस्थानों, वैज्ञानिकों के बीच माहौल तैयार करने के लिए 29 नवंबर से राजधानी दिल्ली से लगते साइबर सिटी गुरूग्राम में राष्ट्र स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह मौजूद रहेंगे।
हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का पेरी-एग्रीकल्चर ड्रीम प्रोजेक्ट है। अपने प्रदेश में कृषि के इस नए चलन को बढ़ावा देने को वह निरंतर प्रयासरत हैं। इनके प्रयासों से ही इस राष्ट्र स्तरीय कार्यशाला की मेजबानी हरियाणा को मिली है। चूंकि योजना के सिरे चढऩे पर इसका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा इस लिए कार्यशाला में विशेष रूप से भाग लेने यूपी के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही आ रहे हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला में जहां कृषि के विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिक पेरी-एग्रीकल्चर से किसानों और इससे जुड़े कारोबारियों, उद्यमियों, संस्थानों को होने वाले फायदे बताएंगे। मच्छली, फल, सब्जी के बड़े उत्पादक अपने अनुभव शेयर करेंगे। देश में सरकारों की ओर से पेरी-एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने को सहयोग मिलता है तो बड़े शहरों में रहने वालों को फ्रेश दूध, दुग्ध उत्पाद, सब्जियां, मच्छली, मीट, फल मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। किसानों को भी पास में बड़ा बाजार मिलने से भरपूर लाभ मिलेगा। उत्पादों की खपत बड़ी आसानी से हो जाएगी।

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