बैंक ने दबाव बनाया तो कर्ज में डूबे किसान ने खुदकुशी कर ली

सरकारें किसानों की दशा सुधारने के बारे में चाहे जितने दावे करें, पर निरंतर सामने आ रही खुदकुशी की घटनाएं, कुछ और ही कहानी बयां रही हंै। ऐसे ही सरकारी दावे की भेंंट चढ़ गया मध्यप्रदेश के बेतुल जिले का एक किसान। कर्ज के बुझ से वह इस कदर परेशान था कि बैंकों के दबाव में उसने अपनी जिंदगी ही समाप्त कर ली। मृतक मध्य प्रदेश के बेतुल के चकोरा गांव का रहने वाला था। उसपर दो लाख रूपये का बैंक ऋण बकाया था। बैंक अधिकारियों के ऋण अदायगी के लिए लगातार दबाव बनाने से वह कितना विचलित हो गया कि कीटनाशक पीकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। इससे पहले 4 अक्तूूबर को मध्य प्रदेश के मोरेना के एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर लिया था। राकेश ढकड़ नाम का यह किसान भी भारी कर्ज के बोझ लते दबा था। हालांकि , इस घटना के बाद एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के ऋण के मुद्दे पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) को कुछ हिदायतें दी थीं। मगर नजीता सिफर रहने के कारण किसानों की खुदकुशी का सिलसिला बना हुआ है।

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