यूपी सरकार ने किसानों से किया धोखा, कर्ज माफी शब्द वापस ले योगीः सपा

समाजवादी पार्टी ने आदित्यनाथ सरकार की कर्ज माफी योजना को धोखा बताया है। पार्टी का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और इसके नेताओं ने घोषणा पत्र से लेकर जनसभाओें में उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ का वादा किया था। सरकार में आने के बाद किसानों को आंशिक राहत दी गई है।
योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के 30ए72 9 करोड़ रुपये के ऋण माफ करने का ऐलान किया है। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। भाजपा ने कर्ज माफी का अपना वादा पूरा नहीं किया।
समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि यह ऋण माफी नहीं है। किसानों को कर्ज में केवल एक लाख रुपये की राहत दी गई है। इसलिए इसे कर्ज माफी नहीं कहा जा सकता। इस शब्द को वापस लेना चाहिए। जूही सिंह ने किसानों के कर्ज माफी योजना को लेकर लेकर आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कर्ज माफी को लेकर जल्दबाजी दिखाने के बजाए सरकार को थोड़ा और समय लेकर समुचित उपाए करने चाहिए थे ताकि किसानों को कर्ज से मुक्ति मिल सके। उन्हांेने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों और किसानों ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया है। इसलिए समय लेकर ईमानदारी से मसले का हल निकालना चाहिए था। दूसरी ओरए भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने किसानों को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने पर योगी सरकार को बधाई दी। उन्हांेने कहा कि यह किसानों के हक में बड़ी पहल है। भाजपा ने अपना कृषि ऋण माफी का वादा पूरा किया है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री संजीव बलियान ने भी योगी आदित्यनाथ को बधाई दी है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के छोटे और सीमांत किसानों की 30ए729 करोड़ रुपये की ऋण राशि माफ़ करने का ऐलान किया था। सरकार के इस फैसले से राज्य के 2 करोड़ 15 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 30 लाख किसान हैं। सरकार ने किसानों का 30ए 729 करोड़ रुपये का ऋण माफ कर दिया है। इसके अलावा सरकार का 80 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य हैए ताकि किसानों का एक.एक दाना खरीदा जा सके। कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सभी जिले के डीएम को अधिक खरीददारी से संबंधित दिशा.निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राज्य में गेहूं की खरीद केलिए सात हजार केंद्र बनाए जाएंगे।

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