रिफाइन तेल होगा महंगा, किसानों के लाभ के लिए बढ़ाया तेल आयात शुल्क

सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य के साथ तेल आयात शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। सस्ते तेल आयात पर अंकुश लगाने के लिए सीमा शुल्क में बढ़ोतरी के बाद आपूर्ति घटने की उम्मीद है। इससे हाजिर और वायदा बाजारों में तिलहन और खाद्य तेल कीमतें 3.5 फीसदी तक चढ़ गईं। इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा। रिफाइन तेल महंगा होगा।
शुक्रवार को वित्त मंत्रालय ने कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेल दोनों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा की थी जिसकी मांग घरेलू बीज पेराई और रिफाइनिंग उद्योग पिछले कई महीनों से कर रहा था। अधिसूचना के जरिये सरकार ने कच्चे और रिफाइंड तेल पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 फीसदी और 25 फीसदी कर दिया है जबकि पहले यह 7.5 फीसदी और 15 फीसदी था।
लगभग 25 लाख टन सोयाबीन की पेराई न हो पाने की वजह से इस खरीफ सीजन में लगभग 10 लाख हेक्टेयर कम एकड़ पर इसकी बुआई हुई। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने जुलाई में 34 प्रतिशत अधिक वनस्पति (खाद्य और गैरखाद्य) तेलों का आयात किया था और यह आंकड़ा 15.2 लाख टन दर्ज किया गया। देश की लगभग 2.5 करोड़ टन की स्थानीय खपत को पूरा करने के लिए भारत करीब 1.5 करोड़ खाद्य तेल का आयात करता है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) के मुताबिक खाद्य तिलहन और तेल कीमतें पिछले कुछ दिनों के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को पार कर गई हैं। तिलहन और तेल कीमतें कई प्रमुख मंडियों में मजबूत बनी रहीं।

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