खट्टर ने पीएम मोदी को ‘किसान नेता’ साबित करने के लिए सारी हदें पार कीं… किसान नाखुश

केंद्र द्वारा खरीफ फसलों के समर्थन मूल्या में व्यापक बढ़ौतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘किसान नेता’ के तौर पर प्रोजेक्ट करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर हरियाणा में कुछ ज्यादा अमल हो रहा है। प्रदेश की खट्टर सरकार की ओर से पीएम मोदी को देश का सबसे बड़ा ‘किसान हितैशी’ जाहिर करने को ग्रामीण इलाकों में बड़े-बड़े होंडिंग लगाए गए हैं। इसके अलावा दूर-दराज तक जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों पर ऐसे ही बड़े आकार के पोस्टर चस्पां करावाए…

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किसानों की आय दोगुना करने की केंद्र सरकार की योजना में आमजन भी शामिल …कैसे…यहां पढ़ें

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसेे पाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने की खातिर अब योजना में आम लोग भी शामिल कर लिए गए हैं। किसानों की आमदनी कैसे दोगुनी हो, इस सवाल का हल ढूंढने के लिए जनता से राय मांगी जा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने बताया कि सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने से संबंधित मुद्दों…

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चिप्स कंपनियों की पसंद वाला गांव कैंसर की चपेट में… अब होगा सर्वे

कम स्टार्च वाले आलू की खेती के लिए चर्चित और देशी.विदेशी चिप्स कंपनियों की पहली पसंद इंदौर जिले के हरसोला गांव में पिछले पांच साल में कैंसर के 25 मामले सामने आने से प्रशासन के माथे पर बल पड़ गया है। गांव के 15 किसानों की अब तक कैंसर से मौत हो चुकी है, जिसे लेकर प्रशासन ने करीब 9,200 की आबादी वाले गांव का विशेष सर्वेक्षण कराने का फैसला लिया है। गैर सरकारी क्षेत्र के इंदौर कैंसर फाउंडेशन के मानद सचिव दिग्पाल धारकर ने बताया कि हमारे द्वारा सरकारी…

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रधानमंत्री के प्रयासों की राह का रोड़ा तो नहीं बन रहा…कैसे ?

मलिक असगर हाशमी इसे कहते हैं सरकारी योजना में पलीता लगाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम निरंतर इस जुगत में है कि अगले छह-सात वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी कर दी जाए और कृषि कार्य में आने वाली अधिकांश दिक्कतें दूर कर दी जाएं। मगर सरकार में बैठे कुछ लोग ही मोदी ही की योजना को सिरे चढ़ाने की बजाए राह में रोड़ा अटका रहे हैं। इसका बेहतर और ताजा उदहारण है 18 जुलाई को अखबारों में प्रकाशित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई का एक विज्ञापन। देश…

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अब कई फ्लेवर में मिलेगी आदिवासियों की शराब…कैसे, यहां पढें

आदिवासियों का प्रिय पेय ‘महुआ’ यानी लोकल मदिरा जल्दी ही अलग.अलग फलों के फ्लेवर में बाजार में मिलने लगेगी। ट्राइबल कॉपरेटिव मार्केटिंग डेवलेपमेंट फेडरेशन आफ इंडिया ;ट्राइफेडद्ध आदिवासियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए आइआइटी दिल्ली के साथ मिल कर आदिवासियों के इस पेय को तरह.तरह के फ्लेवर के साथ बाजार में उतारने की तैयारी में है। सब कुछ सही रहा और लाइसेंस आदि मिल गया तो तीन चार महीने में ये बाजार में उपलब्ध होगी । ट्राइफेड भारत के आदिवासियों की आर्थिक हालत सुधारने और उनकी आमदनी बढ़ाने के…

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फसल बीमा योजना की सफलता को पेशेवर टीम लगाने की तैयारी….कहां होगा कार्यालय और कौन होगा टीम में ?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में फसल बीमा योजना पीएमएफबीवाई में तेजी लाने और इसके दायरे का विस्तार सकल फसल क्षेत्र के 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए एक नई पेशेवर टीम बनाई है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। उनका कहना है कि 28 करोड़ रुपए की लागत से कार्यक्रम प्रबंधन इकाई ;पीएमयूद्ध स्थापित करने में मदद के लिए परामर्शदाता के रूप में दो साल के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ;यूएनडीपीद्ध को अनुबंधित किया गया है। अधिकारी ने कहा कि यूनिट में 15 पेशेवर होंगे जिन्हें यूएनडीपी…

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ईरान के ‘मोहसिन’ ने बर्बाद कर दिया हरियाणा और पंजाब के चावल निर्यातकों को….कैसे, यहां जाने

मलिका असगर हाशमी ईरान की चावल की सबसे बड़ी आयातक कंपनी मोहसिन की चालबाजियांे से हरियाणा और पंजाब के बासमती चावल के कारोबारी सड़क पर आ गए हैं। कई चावल मिलें बंद हो गई हैं और कुछ पर ताला लगने की नौबत आ गई है। पिछले छह-सात सालों में मोहसिन अपना साम्राज्य खड़ा करने मंें सफल रही, दूसरी तरफ भारत के चावल निर्यातकों की बर्बादी का दौर भी शुरू हो गया। स्थिति है कि कंपनी पर हरियाणा और पंजबा के चावल कारोबारियों का तकरीबन दो हजार करोड़ रूपये बकाया है।…

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ड्रोन करेंगे फसलों की निगरानी, जीपीएस नियंत्रित ट्रैक्टर से होगी जुताई

आने वाले समय में फसलों की सेहत की निगरानी स्मार्ट ड्रोन के जरिए और खेतों की जुताई जीपीएस नियंत्रित स्वचालित ट्रैक्टरों से होगी। खेतों में कब और कितना कीटनाशक, उर्वरक का उपयोग करना है तथा मृदा को बेहतर बनाने के तरीके जैसी चीजें की जानकारी सही समय पर किसानों को आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं। यह सब कृत्रिम मेधा ;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य संबंधित प्रोद्योगिकी के उपयोग से संभव होगा। नीति आयोग ने कृत्रिम मेधा के लिए राष्ट्रीय रणनीति पर जारी परिचर्चा पत्र में कहा है कि कृत्रिम मेधा…

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अब टायर कंपनियां किसानों को झटका देने की तैयारी में….क्योंकि

देेश के किसान चौतरफा मुसीबतों से घिरे हैं। कभी प्राकृतिक आपदा उन्हें परेशानी में डाल देती है तो कभी सरकारी नीतियां उनका दम निकाल देती हैं। डिजल की बढ़ती कीमतों से भी कृषि कार्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। रही-सही कसर अब टायर कंपनियां निकालने की तैयारी में हैं। जल्द ही टायरों की कीमत डेढ़ से तीन गुना बढ़ने वाला है। इससे ट्रैक्टरों के टायर और जोत और कटाई में काम आने वाले वाहनों के टायरों की खरीद पर सीधा असर पड़ेगा। आल इंडिया टायर डीलर्स फेडरेशन का कहना है…

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