मोजेक इंडिया फाउंडेशन का कृषि वैज्ञानिको को सम्मान

कृषि में उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष शोध के लिए मोजेक इंडिया फाउंडेशन द्वारा इस वर्ष के पुरस्कार डॉ. अबीर डे, डॉ. प्रताप भट्टाचार्य, डॉ. वी. के. सिंह को दिये गये हैं। यह पुरस्कार गुरूग्राम स्थित सहगल फाउंडेशन ऑडिटोरियम में मोजेक इंडिया और सहगल फाउंडेशन द्वारा संचालित कृषि ज्योति परियोजना के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किये गये। इससे पहले यह पुरस्कार एक शोधार्थी को उसके विशेष शोध के लिए दिया जाता था लेकिन इस बार तीन पुरस्कार तीन कृषि शोधार्थियों…

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‘‘इसा मेला तो कितै भी ना देखा, जित घुमाई की घुमाई और पढ़ाई की पढ़ाई।’’

यह कहना था गांव ददलाना से तृतीय कृषि नेतृत्व शिखर मेला देखने आई रीना का। रीना ने बताया कि उसके साथ आई महिलाएं भी यह मेला देखकर काफी प्रसन्न हैं। हरियाणा सरकार द्वारा कृषि उद्यमी कृषक विकास चैंबर के सहयोग से रोहतक में आयोजित किए गए तीन दिवसीय किसान मेला में जनसमुदाय का रेला आज अंतिम दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा था। हर किसी के जुबान पर एक ही बात थी कि काश यह मेला एक-दो दिन और चलता तो यहां से और ज्ञानवर्धक जानकारी लेकर जाते।…

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उंची पढ़ाई की, पर झंडे लहरा रहे कृषक बनकर

मलिक असगर हाशमी इंजीनियरिंग, चार्टड एकाउंटेंट, मास कॉम, एमएससी, एमएड जैसी आला डिग्री लेने वाले जब मनपसंद तनख्वाह की नौकरी की चाह में सड़कों पर भटकते रहते हैं, हरियाणा के ऐसे कुछ युवाओं ने ऐसी राह पकड़ी कि आज वे युवा वर्ग के प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। इनकी दूरअंदेशी, व्यापारिक प्रबंधन कौशल और वैज्ञानिक सोंच के आज कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग के अला अधिकारी भी कायल हैं। इन युवाओं ने आला दर्जे की पढ़ाई कर खेती-किसानी अपनाई और लाखों-करोड़ों रूपये में खेल रहे हैं। वे युवाओं को नौकरी…

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नेमपाल की मुर्रहा नस्ल की भैंस बिकी 3 लाख 10 हजार रुपये में

सिरसा के गांव चोरमार के एक किसान ने मुरर्हा नस्ल की भैंस को 3 लाख 10 हजार रुपये में बेचा है। इससे पूर्व भी किसान नेमपाल ने अपनी दो भैंसे लाखों रुपये में बेची है। गांव के प्रगतिशील किसान एंव राजकीय स्कूल में अध्यापक नेमपाल सिंह ने बताया कि किसानों को कृषि के साथ-साथ पशु पालन का धंधा करना चाहिए। पशुओं की इच्छी देखभाल से इनकी कीमत बढ़ती है। उन्होंने बताया कि उसकी भैंस आस पास क्षेत्र में आर्कषण का केंद्र बन गई थी लोग उसे देखने के लिए दूर-दूर…

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स्ट्राबेरी हब बन गया है भिवानी जिले का गांव चनाना

चण्डीगढ़- राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली से लगभग 140 किलोमीटर दूर स्थित भिवानी जिले का गांव चनाना, जो स्ट्राबेरी का हब बन गया है। बागवानी विभाग की जागरूकता के चलते यहां का किसान परंपरागत खेती की बजाए बड़े पैमाने पर बागवानी को अपना रहे हैं। परिणाम स्वरूप यहां की स्ट्राबेरी हरियाणा के अलावा देश की राजधानी दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब में अमृतसर,फिजिल्का, अबोहर, भठिंडा, राजस्थान में जयपुर की मंडियों में पहुंच रही है। उत्तम किस्म व पैदावार के मामले में स्ट्राबेरी की हम बात करें तो देश में महाबलेश्वर के बाद दूसरे नंबर…

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किसान पुत्र बाबा रामदेव के इस कदम से कॉर्पोरेट घरानों में घबराहट, पतंजलि प्रोडक्ट अब सभी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर

किसान पुत्र योग गुरु रामदेव अब कार्पोरेट जगत के लिए चुनौती बन चुके हैं। पतंजलि का दिनों दिन होते विस्तार से धुरंधर करोबारी घराना घबराहट महसूस करने लगा है। मंगलवार को योग गुरू ने जिस प्रकार ई-कारोबारियों के सामने अपने कारोबारी साम्राज्य का खाका खींचा उसे सुन-समझकर सभी लोग दंग रह गए। पतंजलि ने देश-दुनिया तक अपने प्रोडक्ट पहुंचाने के लिए हरिद्वार से हर द्वार तक अभियान शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने तमाम बड़ी आन लाइन कंपनियों से समझौता किया है। पतंजलि आयुर्वेद चाहतजा है कि ई.कॉमर्स वेबसाइटों से…

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बेटी ने पापा से पूछा, खाद-बीज क्यों नहीं मिल रहा। पिता बोले, डीएम साहब किसानों की नहीं सुनते, और बेटी बन गई डीएम

क्या आपकी नजर से अब तक ऐसी कोई तस्वीर गुजरी है, जिसमें कोई डीएम खुद फर्श पर बैठा हो और फरियादी कुर्सी पर। शायद नहीं। मगर देश की एक महिला आईएएस अफसर में सेवा-भावना इतनी है कि वह असहाय फरियादियों को देखकर घुटनों के बल बैठकर भी सुनवाई करतीं हैं। नाम है रोहिणी रामदास। फिलहाल तमिलनाडु के सलेम जिले की कलेक्टर हैं। एक सच्चे लोकसेवक की यह तस्वीर उन सभी आईएएस-आईपीएस के लिए मिसाल है, जो पद के अहंकार में चूर होकर खुद को लॉटसाहब मान बैठते हैं। उन अफसरों…

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विवि में डीन की नौकरी छोड़ आदिवासियों संग कर रहा खेती

आइआइटी खडग़पुर से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद अच्छी नौकरी और फिर ओडिशा सेंचुरियन यूनिवर्सिटी में डीन की नौकरी, आगे एक बेहतर करियर और बेहतर भविष्य की गारंटी। लेकिन यह सब यहीं पीछे छोड़ ओडिशा के बदहाल आदिवासियों की मदद के लिए खुद किसान बन जाना। यह कहानी है एक होनहार युवा इंजीनियर विशाल सिंह की। होनहार इसलिए, क्योंकि उच्च शिक्षा हासिल कर लेने के बाद मोटी सैलरी के पीछे भागना ही शिक्षा से हासिल एकमात्र हुनर और जीवन का एकमात्र ध्येय नहीं हो सकता है। इंसान को इंसान समझने…

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सरकारी नौकरी छोड़ बना करोड़पति, यह अपनाया तरीका..

सरकारी नौकरी युवाओं का सपना होता है। नौकरी छोड़ खेती-बाड़ी की बात थोड़ी अटपटी लगती है, लेकिन जैसेलमेर के हरीश धनदेव ने इस मिथ्य को गलत साबित करते हुए सरकारी नौकरी को छोड़कर खेती शुरू की और अब इस खेती के बदौलत करोड़ो रुपये सालाना कमा रहे है। बीते वर्ष तक जैसेलमेर के नगर परिषद् में बतौर जूनियर इंजीनियर रह चुके हरीश का कहना है कि पिछले वर्ष दिल्ली में हुए कृषि सम्मेलन में जाने के बाद वहां देखकर एलोवेरा और आंवले की खेती का विचार आया। फिर नौकरी से…

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फल, फूल, सब्जी, मतस्य और जैविक रतन की घोषणा, मिलेगा एक लाख का पुरस्कार

हरियाणा सरकार ने प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करने केलिए प्रत्येक वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में पुरस्कार देने का ऐलान किया है। इसके लिए चयनित किसानों को एक-एक लाख रूपए पुरस्कार राशि स्वरूप दी जाएगी। प्रदेश स्तर पर मतस्य पालन के क्षेत्र में मतस्य रतन पुरस्कार, फल उत्पारन के क्षेत्र में फल रतन पुरस्कार, सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में सब्जी रतन पुरस्कार, फूल उत्पादन के क्षेत्र में फूल रतन पुरस्कार और जैविक खेती के क्षेत्र में प्रगतिशील किसान को हरियाणा जैविक रतन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इन पुरस्कारों को घोषणा हरियाणा के…

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