दिल्ली में किसानों पर लाठीजार्च यानी केंद्र की किसान हितैशी होने की खुली पोल, कैसे यहां पढ़ें

शायद इसे ही ‘आ बैल मुझे मार’ और ‘उंट पर कुत्ता काटना’ कहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अनेक निर्णयों एवं घोषणाओं से पिछले पांच-छह महीने से यह साबित करने को आमादा हैं कि उनकी सरकार किसान हितैशी है। वे 2022-24 तक देश के किसानों की आमदनी दोगुना होते देखना चाहते हैं। मगर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन दिल्ली पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर किसानांे पर जिस तरह लाठियां,आंसू गैस के गोले और पानी की बौछाकर की गई उससे मोदी…

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गौरैया…जाओ,जाओ उसे ढूंढ के लाओ….क्यों, यहां पढ़ें

घरों में चहकाने वाली गौरैया अब दिखाई नहीं देती । इस छोटे आकार वाले खूबसूरत पक्षी का कभी इंसान के घरों में बसेरा हुआ करता था । बच्चे बचपन से इसे देखते बड़े हुआ करते थे । अब स्थिति बदल गई है । गौरैया के अस्तित्व पर छाए संकट के बादलों ने इसकी संख्या काफी कम कर दी है और कहींण्ण्कहीं तो अब यह बिल्कुल दिखाई नहीं देती ।पहले यह चिड़िया जब अपने बच्चों को चुग्गा खिलाया करती थी तो इंसानी बच्चे इसे बड़े कौतूहल से देखते थे । अब…

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राहुल का मजाक उड़ाने के चक्कर में धुंधलाया मोदी का किसान हितैशी चेहरा….कैसे….यहां पढ़ें

‘‘ अविश्वास प्रस्ताव की वजह पूछी तो गले ही पड़ गए।’’उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में योगी सरकार की ओर से आयोजित ‘किसान कल्याण रैली’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का यह अंश दरअसल, उस संदर्भ में है जब लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान केंद्र को खरी-खरी सुनाने के बाद एक बहाने से’ अपनी सीट से उठकर मोदी से गले मिलने पहुंच गए थे। राहुल की इस हरकत पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने ऐतराज जताया है और भारतीय जनता पार्टी इसका लगातार मजाक उड़ा रही है। असल में,…

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रधानमंत्री के प्रयासों की राह का रोड़ा तो नहीं बन रहा…कैसे ?

मलिक असगर हाशमी इसे कहते हैं सरकारी योजना में पलीता लगाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम निरंतर इस जुगत में है कि अगले छह-सात वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी कर दी जाए और कृषि कार्य में आने वाली अधिकांश दिक्कतें दूर कर दी जाएं। मगर सरकार में बैठे कुछ लोग ही मोदी ही की योजना को सिरे चढ़ाने की बजाए राह में रोड़ा अटका रहे हैं। इसका बेहतर और ताजा उदहारण है 18 जुलाई को अखबारों में प्रकाशित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई का एक विज्ञापन। देश…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनेंगे ‘किसान रत्न’ …कैसे, यहां जानें

मलिक असगर हाशमी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी चुनावों में ‘किसान रत्न’ के तौर पर पेश करने की तैयारी है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाइयों की बैठकों में प्रस्ताव पास कराने का क्रम शुरू हो गया है। भारत में मोदी जैसा कोई और नहीं, यह जताने के लिए केंद्र की ओर से खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रूपये प्रति कुंतल इजाफा करने के ऐलान के साथ भाजपा शासित प्रदेशों की ओर से राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर ‘मोदी वंदन’ की होड़ मची है।…

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समर्थन मूल्य बढ़ाने और कर्ज माफी से क्या होगा…..

मलिक असग़र हाश्मी पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का ऐलान और उसके अगले दिन कर्नाटक की कांग्रेस-जनता दल सेक्यूलर की सरकार का किसानों की 34000 करोड़ रुपये के ऋण माफी की घोषणा, साफ संकेत हैं कि आने वाले चुनावों में किसान, कृषि और इसके प्रति सरकारों तथा पार्टियों का रवैया निर्णायक साबित होने वाला है। देश के प्रमुख दलों में खुद को किसान हितैशी साबित करने की होड़ सी लगी है। इस लिए रोज नए-नए दावे और नई योजनाओं के ऐलान सुनने को मिल…

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ड्रोन करेंगे फसलों की निगरानी, जीपीएस नियंत्रित ट्रैक्टर से होगी जुताई

आने वाले समय में फसलों की सेहत की निगरानी स्मार्ट ड्रोन के जरिए और खेतों की जुताई जीपीएस नियंत्रित स्वचालित ट्रैक्टरों से होगी। खेतों में कब और कितना कीटनाशक, उर्वरक का उपयोग करना है तथा मृदा को बेहतर बनाने के तरीके जैसी चीजें की जानकारी सही समय पर किसानों को आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं। यह सब कृत्रिम मेधा ;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य संबंधित प्रोद्योगिकी के उपयोग से संभव होगा। नीति आयोग ने कृत्रिम मेधा के लिए राष्ट्रीय रणनीति पर जारी परिचर्चा पत्र में कहा है कि कृत्रिम मेधा…

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हरियाणा के मुख्यमंत्री पहुंच गए इजराइल…क्यों कि…

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल 8 मई से इजराइल दौरे पर हैं। दरअसल, वह समझना चाहते हैं कि इजराइल के कृषक सिंचाई की किल्लत के बावजूद कैसे बेहतर खेती कर अच्छा उपज हांसिल करते हैं। ‘ड्रिप एरिगेशन’ प्रणाली में माहिर इराइल को कम संसाधनों में अधिक से अधिक फसल लेने में महारथ हांसिल है। इराइल के तेल अवीव में अब बालिश्त भर मिट्टी में सब्जी उगाने का प्रयोग चल रहा है। इस लिए मुख्यमंत्री ने हरियाणा के किसानों की आमदनी बढ़ाने के सिलसिल में सूक्ष्य सिंचाई और कम मिट्टी में…

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आजमा कर देखिए….कुक्कुट पालन में मिलेगी राहत और स्वच्छ रहेगा पर्यावरण

गर्मियों में मुर्गी पालन जोखिम भरा काम है और पराली, धान के पुआल और गन्ने के पत्ते स्वच्छ पर्यावरण की राह का बड़ा रोड़ा। मगर थोड़ी सी समझदारी दोनों ही मसलों का हल निकाल सकती है। कृषि वैज्ञानिकों एवं पर्यावरणविदों की मानें तो पुआल, पराली और गन्ने के पत्ते का होशियारी और समझदारी से प्रबंधन कर गर्मियों में कुक्कुट पालन को होने वाले नुक्सान से बचाया जा सकता है, साथ ही फसलों के इन अवशेषों का सही इस्तेमाल कर पर्यावरण को नुक्सान होने से रोका जा सकता है। वैज्ञानिक कहते…

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हरियाणा सरकार ने नीदरलैंड के वागेनिनजेन विश्वविद्यालय से किया करार…खेती-किसानीं को क्या होगा लाभ यहां पढ़ें

प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को विकास की बुलंदियों तक पहुंचानेे और फसलों के अवशेषों के बेहतर प्रबंधन की खातिर हरियाणा सरकार ने महत्पूर्ण पहल की है। इसने कृषि-बागवानी के लिए विश्व में टॉप यूनिवर्सिटी माने जाने वाली नीदरलैंड के वागेनिनजेन विश्वविद्यालय के साथ इसपर काम करने का खाका तैयार किया है। सूबे के दो विश्वविद्यालयों हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, वागेनिनजेन विश्वविद्यालय के साथ राज्य में संरक्षित बागवानी और फसल अवशेष व बायोमास प्रबंधन विकसित करने के उद्देश्य से संयुक्त…

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