‘‘इसा मेला तो कितै भी ना देखा, जित घुमाई की घुमाई और पढ़ाई की पढ़ाई।’’

यह कहना था गांव ददलाना से तृतीय कृषि नेतृत्व शिखर मेला देखने आई रीना का। रीना ने बताया कि उसके साथ आई महिलाएं भी यह मेला देखकर काफी प्रसन्न हैं। हरियाणा सरकार द्वारा कृषि उद्यमी कृषक विकास चैंबर के सहयोग से रोहतक में आयोजित किए गए तीन दिवसीय किसान मेला में जनसमुदाय का रेला आज अंतिम दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा था। हर किसी के जुबान पर एक ही बात थी कि काश यह मेला एक-दो दिन और चलता तो यहां से और ज्ञानवर्धक जानकारी लेकर जाते।…

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खेतों से गायब हो गयी कठिया गेहूं की पैदावार

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर समेत समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में दैवीय आपदाओं के कहर से कठिया गेहूं के लाले पड़ गये हैं। किसी जमाने में यहां का किसान कठिया गेहूं की पैदावार ही करता था। कम पानी और बिना रसायनिक खाद के पैदा होने वाला लाल रंग का गेहूं (कठिया गेहूं) सेहत के लिये सबसे मुफीद अनाज माना जाता है मगर अब इसकी पैदावार का दायरा सिमट गया है। गेहूं की तमाम प्रजातियां आने के बाद भी औषधीय गुणों की वजह से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के कठिया गेहूं की पहचान देश और…

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उंची पढ़ाई की, पर झंडे लहरा रहे कृषक बनकर

मलिक असगर हाशमी इंजीनियरिंग, चार्टड एकाउंटेंट, मास कॉम, एमएससी, एमएड जैसी आला डिग्री लेने वाले जब मनपसंद तनख्वाह की नौकरी की चाह में सड़कों पर भटकते रहते हैं, हरियाणा के ऐसे कुछ युवाओं ने ऐसी राह पकड़ी कि आज वे युवा वर्ग के प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। इनकी दूरअंदेशी, व्यापारिक प्रबंधन कौशल और वैज्ञानिक सोंच के आज कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग के अला अधिकारी भी कायल हैं। इन युवाओं ने आला दर्जे की पढ़ाई कर खेती-किसानी अपनाई और लाखों-करोड़ों रूपये में खेल रहे हैं। वे युवाओं को नौकरी…

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किसानों को मिले आर्थिक आजादी

अजीत रानाडे,सीनियर फेलो, तक्षशिला इंस्टीट्यूशन मार्क्सवादी क युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के किसान संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा आहूत 10,000 किसानों की एक मौन पदयात्रा ने बीते छह मार्च को नासिक से मुंबई की ओर प्रस्थान किया। उनकी मु य मांगें वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत किसानों को भूमि का स्थानांतरण, उनकी फसलों के लिए बेहतर कीमतें तथा ऋणमाफी पर केंद्रित हैं। जैसे-जैसे यह पदयात्रा मुंबई की ओर बढ़ी, इसमें पूरे महाराष्ट्र से दूसरे किसान भी शामिल होते गए। नतीजतन, मुंबई पहुंचकर उनकी तादाद 50,000 तक हो गई। स्पष्ट…

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सड़ी-गली मछलियां खाकर अब नहीं होंगे बीमार, जांच केलिए किट लांच

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज टेक्नालॉजी कोच्चि द्वारा विकसित मछलियों में रासायनिक मिलावट या छिडक़ाव का पता लगाने वाली किट (सिफ्टेस्ट) लांच किया गया। मछलियों को जल्दी खराब होने से रोकने और बर्फ में फिसलन खत्म करने के लिए अमोनिया तथा फॉर्मेल्डहाइड का इस्तेमाल किया जाता है। जांच किट से मछिलयों में दोनों रसायनों की उपस्थिति का पता लगाया जा सकेगा। अमोनिया तथा फॉर्मेल्डहाइड के सेवन से मनुष्यों में अनेक स्वास्थ्य संबंधी जैसे, पेट दर्द, वमन, बेहोशी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती…

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अगले वित्त वर्ष से मनरेगा पर सॉफ्टवेयर की मदद से कैसे रखी जाएगी नजर, पढ़ें…..

महात्मा गांधी राष्ट्री य ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना यानी मनरेगा में गड़बड़ झाला रोकने को अगले वित्त वर्ष से फुल प्रूफ सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। सॉफ्टवेयर की मदद से इसपर निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण का कार्य भी चल रहा है। 1 अप्रैल, 2018 से मनरेगा के अंतर्गत सभी अनुमान कार्यक्रम प्रबंधन के लिए सिक्योधर सॉफ्टवेयर का इस्तेएमाल किया जाएगा। इस तकनीक से टिकाऊ परिसम्पकत्ति का सृजन करके ग्रामीण आजीविका संसाधन आधार को मजबूत बनाया जाएगा । कार्यक्रम में गुणात्मक तरीके से सुधार लाने के लिए…

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पौधों के अस्पताल का घर बैठे ऐसे उठाएं निशुल्क इलाज का लाभ

मलिक असगर हाशमी मनुष्य और ढोर-डंगरों के अस्पताल तो देखे ही हांेगा। कई बार वहां जाने का मौका भी मिला होगा, पर पौधों के अस्पताल के बारे में बहुत कम लोगों ने सुना होगा। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आप ऐसा अस्पताल देख सकते हैं। इस अस्पताल को कुछ इस तरीके से बनाया गया है कि यहां पौधों में लगने वाली उनतमाम बीमरियों का इलाज किया Vegetables, fruitsजा सके जो कीड़ों के हमले,मिट्टी,पानी,रसायनों या पोषक तत्तवों की कमी के कारण होती हैं। इस अस्पताल में पौधों की बीमारियों की जांच और…

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जीएसटी में किसानों को राहत, 29 वस्तुएं और 53 सेवाएं सस्ती, देंखें लिस्ट

वस्तु एवं सेवा कर परिषद यानी जीएसटी काउंसिल ने अपनी ताजा बैठक में किसानों को राहत देने की कोशिश की है। हालाकि, उम्मीद इससे कहीं अधिक की थी। माना जा रहा था कि आवश्यक कृषि यंत्रों के अलावा खेती-किसानी से जुड़ी दूसरी वस्तुओंं की खरीद में भी राहत दी जाएगी, पर ऐसा हुआ नहीं। इसके बावजूद किसान थोड़ी राहत से भी प्रसन्न हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल की बैठक में बायोडीजल, बॉटल्ड वॉटर, हीरे एवं कीमती रत्नों, शुगर कैंडी, टेलरिंग सर्विसेज, एम्यूजमेंट पार्कों और लो-कॉस्ट हाउजिंग कंस्ट्रक्शन सर्विसेज…

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कीमत की न करें परवाह, छक कर सेवन करें दूध अंडे का, उत्पादन बढ़ा

मलिक असगर हाशमी देशवासियों को दूध और अंडा के सेवन में अब कोई दिक्कत नहीं आने वाली। इनके उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रहा है। अलग बात है कि उत्पादन में बढ़ौतरी के बावजूद इनकी कीमतों में कोई गिरावट नहीं आ रही है, बल्कि बढ़ती ही जा रही है। बहरहाल,वर्ष 2016-17 में देश ने दूध उत्पादन में वर्ष 2013-14 के मुकाबले रिकार्ड 20.13 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान दूध उत्पादन में वर्ष 2015-16 के मुकाबले 6.4 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई। दूध उत्पादन की वृद्धि दर वर्ष 2014-15…

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बजट में कृषि को प्रोत्साहन देने की जरूरत

अगले वित्त वर्ष के बजट को लेकर अर्थशास्त्रियों, अधिकारियों और राजनीतिज्ञों के बीच हो रही चर्चाएं अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र कृषि और ग्रामीण आय में सुधार की आवश्यकता के इर्द-गिर्द घूमती प्रतीत हो रही है और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली कृषि काे प्रोत्साहन देने में उदारता दिखायेंगे। देश में हाल में हुये चुनावों से भी दिखा कि कृषि और ग्रामीण विकास की ओर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। चुनावों में देखने में आया कि किसानों के संकट के कारण मतदाताओं…

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