कलाम के सहयोगी बोले, प्रदूषण दूर करना है बढ़ाएं हरित रसायन का इस्तेमाल

मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी तथा रक्षा अनुसंधान के वरिष्ठ वैज्ञानिक रहे मानस बिहारी वर्मा की मानें तो ‘हरित रसायन’ से प्रदूषर्ण की समस्या दूर की जा सकती है। अभी इसके चलते देश-दुनिया परेशान हैं, पर वर्मा ने हरित रसायन को आधुनिक विज्ञान का महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि वर्तमान दौर में प्रदूषित वातावरण को मानव जीवन के अनुकूल बनाने के लिए यह काफी महत्वपूण हो गया है। श्री वर्मा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सहयोग से बिहार के दरभंगा के महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह…

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आज के दिन असम की चाय पहुंची थी लंदन

मलिक असगर हाशमी केवल भारतीय, चीनी या फिर जापानी ही चाय के दिवाने नहीं हैं। ब्रिटिश नागरिक भी कई सौ साल से इसका जायका लेते आ रहे हैं। अलग बात है,पहले ब्रितानी चीन की चाय की चुस्की लिया करते थे। आज से 200 वर्ष पहले असम चाय के ऐसे मुरीद हुए कि इसी के होकर रह गए। ब्रिटेन में पहली बार असम चाय ने 10 जनवरी 1839 को विधिवत रूप से कदम रखा था। ब्रितानियों को असम चाय नियमित उपलब्ध कराने के लिए आज ही के दिन लंदन में पहली…

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कृषि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट से घबराए मोदी सुनेंगे अर्थशास्त्रियों की मन की बात

प्रत्येक रविवार देश को मन की बात सुनाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को देश के धुंधर अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों को सुनेंगे। देश की आर्थिक दशा पर राय लेने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है। नीति आयोग में होने वाली इस बैठक में कैबिनेट के शीर्ष मंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और प्रधानमंत्री की इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य भी हिस्सा लेंगे। यह बैठक एनडीए सरकार के अंतिम पूर्ण बजट पेश करने से पहले होने जा रही है। हाल के आंकड़ों से इकॉनमी में और मंदी आने के संकेत मिले हंै। इसके…

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चुनावी वर्ष के मददेनजर उच्च कृषि विकास दर के लिए सरकार ने बनाई रणनीति

मलिक असगर हाशमी तकरीबन डेढ़ वर्ष बाद लोकसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में केंद्र की भाजपा सरकार चुनावी वर्ष में कृषि क्षेत्र में कुछ बेहतर करने के मूड में है। आधा से अधिक भारत देहात में रहता है। ऐसे में किसानों को लुभाने की खातिर किए गए प्रयास सफल हुए तो 2019 में भी भाजपा के दरवाजे लोकसभा के लिए खुले रह सकते हैं। एक दिन पहले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने 2017-18 वित्तीय वर्ष के लिए देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) और सकल मूल्य वर्धन(जीवीए)…

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पूर्वोत्तर और आदिवासी क्षेत्रों की किस्मत बदलेगा ‘हरा सोना’

बांस को ‘घास’ घोषित करने के केंद्र सरकार के फैसले से पूर्वोत्तर तथा देशभर के जनजातीय क्षेत्रों में होने वाला यह ‘हरा सोना’ आदिवासियों और किसानों की किस्मत बदलने की क्षमता रखता है और करोडों नौकरियां पैदा कर सकता है। सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 90 वर्ष पुराने भारतीय वन अधिनियम 1927 में बदलाव करने के लिए अध्यादेश जारी किया है जिससे बांस को ‘वृक्ष’ की बजाय ‘घास’ माना जाएगा। इसके बाद बांस के आर्थिक इस्तेमाल के लिए सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वनस्पति…

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विस्तार लेता देश का ग्रामीण ढांचा

वी श्रीनिवास तीव्र गति से कृषि और ग्रामीण रोजगार विकास हमेशा से देश के नीति निर्माताओं के केंद्र में रहे हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत की परिकल्पना स्वायत्त आत्मनिर्भर गांवों के लोकतंत्र के रूप में की थी। भूमि, ग्रामीण अस्तित्व और कृषि ढांचा भारत के विकास के सबसे महत्वपूर्ण निर्धारक हैं। जमीन का असमान वितरण खेती के पिछड़ेपन के लिए जिम्मेदार था। ग्रामीण भारत में जमीन के महत्वपूर्ण आय का साधन होने को देखते हुए ग्रामीण जनसंख्या की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए खेती के अधिकार ढांचे में बदलाव…

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भारत को दुग्ध उत्पादन में मुकाम, उद्यमियों के लिए अपार संभावनाएं: राधा मोहन सिंह

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि भारत विश्व में उस मुकाम पर पहुंच गया है जहां से दुग्ध व्यवसाय में वैश्विक स्तर पर अनेक दरवाजे खुलते हैं। पिछले 15 वर्षों से भारत विश्व में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला देशों में शुुमार है। इस उपलब्धी का श्रेय दुधारू पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए अनेक प्रयासों को जाता है। श्री सिंह ने कहा कि 2013-14 में करीब 137.7 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ था। बढक़र वर्ष…

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विदेशी कंपनियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कंपनियों से भारत में आने और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश करने को आंमत्रित किया है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भारत में निवेश की व्यापक संभावनाएं। इसका दुनिया पर बड़ा अवसर भी है । मोदी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण भारत में जीवनशैली का हिस्सा है। सामान्य से घर की तकनीक के आधार पर इसे पूरा किया जाता है। अचाड़, पापड़, चटनी, मुरब्बा दुनियाभर में संभ्रांत वर्ग के साथ सामान्य लोगों की पसंद है। उन्होंने कहा कि ठेका कृषि, कच्चे…

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भारतीय नीति निर्माता एक अलग बैंकिंग कानून बनाएं: मोहम्मद यूनुस

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस का कहा है कि भारतीय नीति निर्माताओं को एक अलग बैंकिंग कानून बनाना चाहिए। इसका प्रस्ताव उन्होंने दिया है। यूनुस ने कहा कि उन्हें भारत में अपने ग्रामीण बैंक का परिचालन स्थापित करने की कोई वजह नजर नहीं आती। बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक के संस्थापक यूनुस को सूक्ष्म वित्त क्षेत्र का दिग्गज माना जाता है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा कि भारत में पहले से कई सूक्ष्म वित्त संगठन सुगमता और सफलतापूर्वक परिचालन कर रहे हैं। इनमें से कई उनके ग्रामीण…

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गेहूं बिजाई के लिए नवंबर का पहला पखवाड़ा फलदायक, अच्छी वैरायटी लगाएं

करनाल के गेहूं अनुसंधान निदेशालय के डॉयरेक्टर डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने गेहूं बिजाई के बारे में किसानों को सलाह दी है कि इस बार समय से पहले ठंड का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में 1 से 10 नवंबर गेहूं बिजाई के लिए उचित समय है। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा और पंजाब में गेहूं क्े उत्पादन का रकबा बढ़ाना तो मुश्किल है, अच्छी क्वालिटी के बीज से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गेहूं अनुसंधान निदेशालय इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है,…

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