यमुना के तटवर्ती गांवों की फसलों को भारी नुक्सान….उम्मीद से कम उत्पादन का अनुमान ….क्यों, यहां जानें

यमुना उफान पर है। उफनती नदी का पानी कई जिलों के तटवर्ती गांवों में घुस गया है। इसे लेकर किसान हैरान-परेशान हैं। जब-जब यमुना का रौद्र रूप सामने आता है खेती-किसानी की दशा खराब हो जाती है। इस बार भी तटवर्ती गांवों में फसलों के उत्पादन पर ग्रहण लगने का अनुमान है।
युमना में आई बाढ़ के चलते हरियाणा के युनानगर, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल आदि के तटवर्ती गांवों में अंदर तक पानी घुस आया है। खेत डूब गए हैं और खेत रेतीली मिट्टी से पट गए हैं। हथनी कुंड बैराज से लगातार यमुना में पानी छोड़ने से फरीदाबाद के गांव ददसिया, सेहतपुर,महावतपुर, लालपुर,अरूआ,लतीफपुर सहित बारह कॉलोनियों में अंदर तक पानी घुस आया है। यमुना के तेवर को देखते हुए बल्लभगढ़ के लतीफपुर गांव को खाली कराया जा रहा है। यहां इलाके के एसडीएम राजेश कुमार और पुलिस अधिकरी कुलदीप सिंह किसानों के साथ मिलकर खेतों से पानी निकालने को लेकर मोर्चा खोले हुए हैं। पलवल के तटवर्ती गांव गुरवाड़ी, प्रहलादपुर,बागपुर,शेखपुर,फाटनगर,टप्पा, बिल्लौच,मोहबलीपुर,मुर्तजाबाद, हसनपुर सहित कई गांवों के खेतों में यमुना का पानी घुस आया है। सोनीपत के मीमारपुर में तो नदी के तेज बहाव से कटाव रोकने को कई तरह के इंजाम किए गए हैं। यमुना किनारे के गांवों में उगाई गई सब्जियों और गन्ने की फसल बाढ़ में बह गई। इस फसलीय सीजन मंे तटवर्तीय इलाकों में उत्पादन को भारी नुक्सान पहुंचने का अनुमान है। हालाकि, हरियाण सरकार ने ऐसी किसी नुक्सान की भरपाई को लेकर अब तक अपनी नीति स्पष्ट नहीं की है।

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