हरियाणा सरकार ने नीदरलैंड के वागेनिनजेन विश्वविद्यालय से किया करार…खेती-किसानीं को क्या होगा लाभ यहां पढ़ें

प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को विकास की बुलंदियों तक पहुंचानेे और फसलों के अवशेषों के बेहतर प्रबंधन की खातिर हरियाणा सरकार ने महत्पूर्ण पहल की है। इसने कृषि-बागवानी के लिए विश्व में टॉप यूनिवर्सिटी माने जाने वाली नीदरलैंड के वागेनिनजेन विश्वविद्यालय के साथ इसपर काम करने का खाका तैयार किया है। सूबे के दो विश्वविद्यालयों हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, वागेनिनजेन विश्वविद्यालय के साथ राज्य में संरक्षित बागवानी और फसल अवशेष व बायोमास प्रबंधन विकसित करने के उद्देश्य से संयुक्त रूप से काम करेंगे। इस सिलसिल में हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ इनदिनों एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नीदरलैंड के दौरे पर हैं। इस दौरान वागेनिनजेन विश्वविद्यालय का दौरा किया गया और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बैठक में तय मसलों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद धनखड़ ने बताया कि राज्य के दो विश्वविद्याल चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से नीदरलैंडस के वागेनिनजेन विश्वविद्यालय के साथ राज्य में संरक्षित बागवानी और फसल अवशेष व बायोमास प्रबंधन विकसित करने पर काम करेंगे। उनके मुताबिक, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, वागेनिनजेन विश्वविद्यालय के सहयोग से फसल अवशेष और बायोमास प्रबंधन के क्षेत्र में एक परियोजना पर कार्य करेगा। इस पर 30 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसी तरह, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय और वागेनिनजेन विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से राज्य में संरक्षित बागवानी के प्रचार के लिए काम करेंगे। इस परियोजना पर 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें विश्व बैंक वित्त सहायता देगी।
बता दें कि वागेनिनजेन विश्वविद्यालय में नीदरलैंड और विश्व के अन्य देशों के लगभग 11 हजार छात्र अध्ययन करते हैं।
नीदरलैंडस ने फूड वैली संगठन शुरू किया है, जो पर्यावरण प्रणाली की अवधारणा पर आधारित है। संगठन का उद्देश्य स्वस्थ भोजन और पेय पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देना और व्यर्थ खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के उपयोग की प्रथा को कम करना है। सभी प्रमुख खाद्य व्यापार कंपनियां इस संगठन के सदस्य हैं। इस अवसर पर विधायक बख्शीश सिंह विर्क और श्री बलवंत सिंह सढ़ौरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉण् अभिलक्ष लिखी, प्रधान सचिव, सिंचाई अनुराग रस्तोगी, मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ और नीदरलैंड के अधिकारी और नीदरलैंड में भारतीय दूतावास के अधिकारी मौजूद रहे।

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