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महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, जम्मू कश्मीर के कारण बरसात को तरस रहे बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के तमाम इलाके…कैसे यहां जानें Other, कृषि, ख़बरें, मौसम

मानसून के लगभग दो महीने सक्रिय रहने के बाद भी पूर्वोत्तर राज्यों सहित उत्तर प्रदेश , बिहार और पश्चिम बंगाल के तमाम इलाकों में अभी भी उम्मीद से कम बारिश हुई है। इसकी मुख्य वजह हैं महाराष्ट्र, केरल जैसे वह प्रदेश जहां मूसलाधार बारिश तो हो रही, पर वहां हवा की कम सक्रियता और दबाव के चलते बादल आगे न बढ़कर वहीं बरस जा रहे हैं। ऐसे में एक तरफ सूखा और दूसरी तरफ बाढ़ की नौबत आ गई है।
मौसम विभाग की मानें तो 26 जुलाई तक देश में हुई बारिश से स्पष्ट है कि दक्षिण पश्चिम मानसून का असमान क्षेत्रीय प्रभाव देखने को मिला है। 29 मई को मानसून के सक्रिय होने के बाद पूरे देश में अब तक सामान्य स्तर, 395.6 मिमी की तुलना में 384.7 मिमी बारिश हो चुकी है।
मानसून के क्षेत्रीय प्रभाव से जुड़े विभाग के आंकड़े कहते हैं कि महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, जम्मू कश्मीर, दादर, दमन और दीव में सामान्य से ज्यादा ;20 से 78 प्रतिशतद्ध बारिश दर्ज की गई है। इन राज्यों के 169 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश के चलते बाढ़ से हालात हैं। इनमें 32 जिले मूसलाधार बारिश की चपेट में हैं।
पूर्वौत्तर क्षेत्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी भी बारिश का इंतजार है। विभाग के अनुसार, बिहार में बारिश की कमी का स्तर 49 प्रतिशत है। जबकि उत्तर प्रदेश के पूर्वी पश्चिमी इलाकों में अभी तक सामान्य से 48 प्रतिशत कम बारिश हुई। इसके अलावा पूर्वाैत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड में 35 से 40 प्रतिशत कम बारिश हुई।
मौसम विभाग के एक वैज्ञानिक ने मानसून के असमान क्षेत्रीय वितरण के लिए बारिश की अधिकता वाले इलाकों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण मानसून के उसी क्षेत्र में ठिठक जाने को प्रमुख वजह बताया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के आसपास के इलाकों में अब चक्रवाती तूफानी हवाओं की सक्रियता के बाद हवा के कम दबाव के क्षेत्र वाले इलाकों से मानसून अन्य क्षेत्रों में भी पहुंच सकेगा। इस आधार पर उन्होंने कम या बहुत कम बारिश वाले इलाकों में अगले कुछ दिनों में बारिश की उम्मीद जताई है। बारिश के अब तक के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में बारिश के सामान्य स्तर 476.1 मिमी की तुलना में 606.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले साल इस अवधि में हुई बारिश की तुलना में यह 27 प्रतिशत अधिक है। राज्य में बारिश की अधिकता वाले जिलों में रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग, मुंबई, पालघर, पुणे, सतारा, नासिक, यवतमाल, नागपुर और रायगढ़ शामिल हैं।
राजस्थान में बारिश के सामान्य स्तर 125.5 मिमी की तुलना में अब तक 220.8 सेंमी बारिश हो चुकी है। यह पिछले साल की तुलना में सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक है। राज्य के चार जिलों गंगानगर, चुरु, बीकानेर और जोधपुर में 33 से 108 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज की गई।केरल में सामान्य स्तर 1255 मिमी की तुलना में 1505.1 मिमी बारिश हुई। वहीं जम्मू कश्मीर के 11 जिलों में इस साल अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।

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