फसल बीमा योजना की सफलता को पेशेवर टीम लगाने की तैयारी….कहां होगा कार्यालय और कौन होगा टीम में ?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में फसल बीमा योजना पीएमएफबीवाई में तेजी लाने और इसके दायरे का विस्तार सकल फसल क्षेत्र के 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए एक नई पेशेवर टीम बनाई है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। उनका कहना है कि 28 करोड़ रुपए की लागत से कार्यक्रम प्रबंधन इकाई ;पीएमयूद्ध स्थापित करने में मदद के लिए परामर्शदाता के रूप में दो साल के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ;यूएनडीपीद्ध को अनुबंधित किया गया है। अधिकारी ने कहा कि यूनिट में 15 पेशेवर होंगे जिन्हें यूएनडीपी अपने पेरोल पर भर्ती करने की प्रक्रिया में है। कुछ पेशेवरों की भर्ती हो चुकी है ।
इस यूनिट का कार्यालय शास्त्री भवन या कृषि भवन में होगा जो न केवल प्रधान मंत्री फासल बीमा योजना ;पीएमएफबीवाईद्ध से संबंधित सभी मुद्दों पर नजर रखेगा , बल्कि उन्हें व्यापक रूप से संबोधित भी करेगा।
पीएमएफबीवाई को संभालने के लिए वर्तमान सरकार की टीम बहुत छोटी है , जिस योजना को वर्ष 2016 में शुरु किया गया था और इसे 25 राज्यों में लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत , किसान बहुत ही मामूली प्रीमियम का भुगतान करते हैं और नुकसान के लिए पूरा का पूरा दावा प्राप्त करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार खरीफ सत्र 2017 के लिए फसल बीमा दावा 15,853 करोड़ रुपए होने का अनुमान है , जिसमें 6,622 करोड़ रुपए का निपटान किया गया है। पीएमएफबीवाई के तहत , किसानों के प्रीमियम को खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए डेढ़ से दो प्रतिशत और बागवानी फसलों एवं कपास फसल के लिए पांच प्रतिशत तक कम रखा गया है। प्रीमियम की कोई सीमा नहीं है और संभावित दावे का 25 प्रतिशत सीधे किसानों के खातों में भेजा जाएगा।

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