देश के छह प्रांतों में चावल उत्पादन को लगेगा गहरा धक्का…क्यों-यहां जानें

चावल उत्पादन वाले देश भारत के छह राज्यों में इस बार आशा से बहुत कम चावल पैदा होने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह है बारिश। इस बरसात के मौसम में देश के उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में अब तक बेहद कम बारिश हुई है।
कृषि मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 13 जुलाई तक धान की फसल की 1.17 करोड़ हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जो पिछले फसलीय सत्र सें 8 प्रतिशत कम है। पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 1.27 करोड़े हेक्टेयर था। विशेषज्ञों की मानें तो चावल उत्पादन की भरपाई किसी अन्य खाद्यान्न के उत्पादन से नहीं हो सकती। चाहे गेहूं हो, दाल या फिर कोई अन्य अनाज।
मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस बरसात में बिहार और झारखंड में सामान्य से लगभग 40 फीसदी कम बारिश हुई। इसी तरह पश्चिम बंगाल में मानसूनी बारिश 27 प्रतिशत कम है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में यह प्रतिशत 7 और 2 का है। कृषि वैज्ञानिक कहते हैं कि आगे भी यही हाल रहा तो कमजोर मानसून से इस बार चावल का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। कृषि मंत्रालय के आंकड़े कहते हैं, देश में 2017-18 के फसल वर्ष में 11.152 करोड़ टन चावल का उत्पादन और 2017-18 में 49,838 करोड़ रुपये 1.27 करोड़ टन चावल निर्यात हुआ था। देश में उत्पादित चावल में खरीफ फसल की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत से ज्यादा है। आर्थिक विश्लेषक कहते हैं, अभी भी हालात सुधर सकते हैं, बशर्ते बरसात अच्छी हो।

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