कृषि आधुनिकीकरण में कॉरपोरेट घराने की हिस्सेदारी नहीं

कृषि प्रधान प्रदेश हरियाणा के 90 लाख हेक्टेयर में खेती होने के बावजूद कृषि कार्यों एवं इसके उत्पादों को उन्नत बनाने में किसी कॉरपरेट घराने की अब तक न कोई हिस्सेदारी रही है और न ही दिलचस्पी। किसानों और प्रदेश सरकार की तरह यह वर्ग भी गेहूं, चावल के उत्पादन को घाटे का सौदा मानता हैं, इसलिए कुछ क्षेत्र में कान्ट्रैक्टर फार्मिंग से आगे इस वर्ग ने सोंचा ही नहीं। औद्योगिक संगठन एसोचैम के डायरेक्टर दिलीप शर्मा कहते हैं,‘‘कॉरपोरेट घराना कोई भी काम बिना लाभ-हानि के नहीं करता। प्रदेश सरकार…

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