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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए लगाई जा रही ‘पाठशाला’….क्यों, यहां जानें Other, कृषि, कृषि नीति, ख़बरें, खेत तकनीक

मध्य प्रदेश में किसानों के लिए पाठशाला लगाई जा रही है। वे उन्नत खेती के गुर सीख सकें, इसके लिए ‘किसान खेत पाठशाला’ नाम से कार्यक्रम शुरु किया गया है, जिसका पहला चरण 20 जुलाई को पूरा हो गया। अब दूसरे चरण की ‘क्लास’ लगाने की तैयारी है।
दरअसल, इसके पीछे शिवराज चौहान सरकार की मंशा है, मध्य प्रदेश के किसान परंपरागत खेती की बजाए उन्नत और आधुनिक खेती पर जोर दें, ताकि कृषि और सूबे के किसानों की दशा और दिशा सुधार सके। किसान खेत पाठशालाएं पहले चरण में चुनिंदा इलाकों में लगाई गईं। इस दौराने किसानांे को प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि, बागवानी, पशुपालन वैज्ञानिकों ने आधुनिक एवं उन्नत खेती के नफा.नुक्सान के बारे में समझाया। पहले चरण की किसान पाठशाला आयोजित करने से पहले भोपाल में प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियांें को भी इस बारे मंे प्रशिक्षित किया गया ताकि वे किसानों तक योजना बखूबी पहुंचा सकें। भोपाल के कलेक्टर डॉ सुदाम खाडे के मुताबिक, किसान खेत पाठशाला में दी गई जानकारी पिटवाकर एवं एसएमएस के जरिये अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जा रही है। कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन एवं मत्स्य पालन के मैदानी अधिकारियों ने कृषि विज्ञान केन्द्र, केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान में इस बारे में किसानांे को प्रशिक्षित किया। भोपाल के किसान खेत पठशाला के आयोन में कृषि वैज्ञानिक केन्द्र के वैज्ञानिक डॉण् यूआर बड़ेगांवकर एवं सीहोर के वैज्ञानिक डॉ जेके कन्नौजिया एवं अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदि की।
उल्लेखनीय है कि किसान खेत पाठशाला का प्रथम चरण 28 जून से 20 जुलाई तक चला। जिसमें चिन्हित ग्राम पंचायतों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा सुबह शाम खेत पाठशाला का आयोजन किया गया और कोशिश की गई कि इसमें अधिक से अधिक संख्या में किसान भाग ले सकें।

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