अब किसानों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल

किसानों की आय दोगुना करने के लिए केंद्र सरकार ने कृषि उपज विपणन समिति अधिनियम (एपीएमसी) से अब फलों और सब्जियों को बाहर कर दिया है। एपीएमसी की विसंगतियों को दूर करने और किसानों के लिए लिए एक देश एक बाजार व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नया अधिनियम लाया गया है। इसी के साथ केंद्र सरकार ने मॉडल उत्पाद एवं मवेशी विपणन अधिनियम 2017 को भी लागू कर दिया है। केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री ने सोमवार को कृषि और कृषि विपणन में सुधार विषय पर राज्यों के कृषि मंत्रियों के स मेलन को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने कहा कि नए अधिनियम में कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों को भी शामिल कर लिया गया है। इस एक्ट में प्रदेश स्तर पर एक ही बाजार का प्रावधान है और यह निजी क्षेत्र के बाजार एवं सीधा विपणन प्रोत्साहित करने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मॉडल पर आधारित है। कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। यह मॉडल अधिनियम, बाजार के बुनियादी ढांचे में उन्नत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के निवेश के लिए अवसर प्रदान करता है।
सिंह ने बताया कि 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जाए और किसान विकास की मु य धारा का हिस्सा बनें। इसके लिए तीन स्तरों पर काम हो रहा है। प्रथम स्तर पर उत्पादन लागत कम किया जा रहा है और उत्पादकता बढ़ाई जा रही है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के जरिये यह काम हो रहा है। दूसरे स्तर पर कृषि आधारित अन्य लाभकारी क्रियाकलापों जैसे पशुपालन, मुर्गीपालन, मधुमक्खी पालन आदि पर कदम उठाए गए हैं। तीसरा किसानों के लिए नजदीकी बाजार उपलब्ध कराने का काम चल रहा है।

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