आठ प्रदेश के लिए सजावटी मछली पालन प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार 61.89 करोड़ रूपये की लागत से सजावटी मछलीपालन को लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इसके पीछे मंशा है इस व्यवसाय और निर्यात में लगे लोगों के आर्थिक विकास के लिए सजावटी मछलीपालन कोे सशक्त और समग्र बनाना। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के पशुपालन, डेयरी तथा मछलीपालन विभाग द्वारा किए जा रहे इस पायलेट प्रोजेक्ट की खातिर सजावटी मछली उत्पादन बढ़ाने वाले विशेष क्षेत्रों की पहचान की गई है।
प्रोजेक्ट के अंतर्गत क्लस्टर आधार पर सजावटी मछलीपालन को प्रोत्साहित करना, सजावटी मछलीपालन और निर्यात से आय को सुदृढ़ बनाना, ग्रामीण और ग्रामीण क्षेत्र के बाहर की आबादी के लिए रोजगार अवसरों का सृजन करना और सजावटी मछलीपालन को फलता-फूलता व्यवसाय बनाना है। पायलेट प्रोजेक्ट केलिए असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल की पहचान की गई है। पायलट परियोजना के अधीन सजावटी मछली उत्पादन से संबधित गतिविधियां यानी घर के पिछले हिस्से में मछलीपालन ईकाइयां स्थापित करने, मंझोले आकार की ईकाइयां बनाने, एकीकृत प्रजनन और उत्पादन इकाइयां लगाने, एक्वेरियम फैब्रिकेशन, व्यापार तथा मार्केटिंग से संबंधित गतिविधियां बढ़ाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। परियोजना राष्ट्रीय मछली पालन विकास बोर्ड राज्यों एवं केेंद्र शासित प्रदेशों के मछलीपालन विभागों के माध्यम से लागू करेगा। इसे सिरे चढ़ाने को केन्द्र सरकार राज्यों को वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध कराएगी। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र से बाहर की आबादी के लिए विशेषकर महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को आजीविका और आय बढ़ाने के संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

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