एग्री लिडरशिप समिट में रहेगा पैरी अर्बन खेती पर जोर

हरियाणा में पैरी अर्बन की तर्ज पर खेती को बढ़ावा देने का मास्टर प्लान तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में गेहंू व धान का कटोरा के अलावा फल एवं सब्जियों की टोकरी और दिल्ली- एनसीआर क्षेत्र की चार करोड़ की आबादी को सर्वाधिक दूध उपलब्ध करवाने वाला प्रदेश बनाया जा सके।
यह बात हरियाणा के कृषि मंत्री ने एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पैरी अर्बन तर्ज पर खेती से ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी क्षेत्रों को भी ताजा फल-फूल एवं सब्जियां उपलब्ध हांेगी। किसानों की आय भी बढे़ेगी। हरियणा में खेती के एक चौथाई क्षेत्र में फल-फूल एवं अन्य बागवानी फसलों के क्षेत्र आते हैं। इसे बढ़ावा देने केलिए बागवानी विश्व विद्यालय स्थापित किया गया है। हर जिले में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं तथा 340 गांवों को बागवानी गांवों में बदला जा रहा है। किसान उत्पादक संगठन, कलेक्शन सेंटर, गन्नौर में फल एवं सब्जी टर्मिनल और गुरुग्राम में फूलों की मंडी स्थापना उसी का हिस्सा है।

प्रेस वार्ता में कृषि मंत्री़ ने सूरजकुंड में 18 से 20 मार्च, 2017 तक आयोजित द्वितीय एग्री लिडरशिप समिट के संबंध में बताया कि किसानों को बाजार के निकट लाने, उत्पादों की बिक्री के लिए बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने, सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने, अपने ब्रांड को प्रमोट करने के साथ किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बिक्री एवं प्रदर्शन के स्टॉल लगाने के उद्देश्य से इसे आयोजित किया जा रहा है।

समारोह के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कृष्णपाल गुर्जर मौजूद रहेंगे, जबकि समिट के दूसरे दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री पुरूषोतम रूपला, डॉ. संजीव बालियाण एवं राव इंद्रजीत मुख्य अतिथि होंगे। इसके अतिरिक्त समिट के तीसरे दिन राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार, चौधरी विरेेंद्र सिंह और श्री एस.एस.आहलुवालिया विशेष अतिथि होंगे। सम्मेलन का पहला दिन ए2 दूध की बढ़ोतरी और दुग्ध क्षेत्र में प्रदेश को पहले नंबर पर लाने और दूसरा दिन किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने और पैरी अर्बन खेती को समर्पित होगा। दुग्ध उत्पादन के मामले में गुजरात और पंजाब के बाद हरियाणा दो करोड़ 27 लाख लीटर दूध उत्पन्न कर तीसरे स्थान पर है। समिट में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, राष्ट्रीय संगोष्ठियों और राज्य स्तर की विभिन्न कार्यशालाओं में हजारों कृषि विशेषज्ञ भाग लेेंगे। कृषि शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले किसानों के लाने ले जाने तथा उनके खाने-पीने व रहने का निशुल्क प्रबंध किया गया है।

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