ओडिशा में 8 किसानों ने आत्महत्या की, मदद को आगे नहीं आए धर्मेंद्र प्रधान

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में देश की दो बड़ी पार्टियां एक दूसरे को पटखनी देने की जुगत में हैं। इस बीच इनमें से कोई भी दल देश के बदहाल किसानों का मसला गंभीरता से नहीं उठा रहा है। सिर्फ आश्वासनों की रेवडिय़ां बांटी जा रही हैं। नहीं बताया जा रहा है कि उनकी पार्टियों की ओर से किसानों की भलाई के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए और इन प्रदेशों में सत्ता में आने के बाद वे यहां के बदहाल किसानों के लिए ऐसा क्या करने वाले हैं कि देश के सामने नजीर साबित हो। ऐसी इच्छा शक्ति नहीं दिखाने का नतीजा है कि ओडिशा के बारहगढ़ में सोमवार को छह किसानों ने कीटनाशक खाकर खुदकुशी कर ली। पिछले दस दिनों में इस प्रदेश के आठ जिलों में करीब आठ किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसके प्रति गंभीरता दिखाने की बजाए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा की बीजू जनता दल सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी एएनआई की मानें तो प्राकृतिक आपदा के चलते फसलें बर्बाद होने से परेशान होकर किसानों ने खुद को समाप्त कर लिया। इस पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ओडिशा में किसानों की आत्महत्या के लिए बीजू जनता दल (बीजेडी) सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने राज्य सरकार को हत्यारा और असंवेदनशील बताया। मगर यह कहने की उन्होंने ने भी संवेदनशीलता नहीं दिखाई कि ऐसी घटनाएं रोकने केलिए वह केंद्र सरकार से प्रदेश को क्या सहायता दिलाने वाले हैं। इनका ऐसा कहना इस लिए भी आवश्यक था कि पार्टी सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी ओडिशा विधानसभा चुनाव प्रधान को आगे कर लडऩे वाली है।
इस बीच, जिला मजिस्ट्रेट खगेंद्र पाड़ी ने बताया कि जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। कीटनाशकों के मामले में जांच के भी आदेश दिए गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में आठ से अधिक किसान ओडिशा के आठ जिलों में आत्महत्या कर चुके हैं।

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