कर्जमाफी को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले तमिलनाडु के 25 किसानों की तबियत बिगड़ी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्जमाफी स्कीम लागू कर अपने सूबे के किसानों को बड़ी राहत दी है, पर तमिलनाडु के किसानों की अबतक कहीं सुनवाई नहीं हुई है। पिछले करीब पचीस दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर खुलेबदन धरना-प्रदर्शन करने के कारण उनमें से 25 किसानों की तबियत बिगड़ने लगी है।
तमिलनाडु के किसानों का नई दिल्ली के जंतर मंतर पर सूखा राहत पैकेज की मांग को लेकर आज भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। खुलेबदन धरना-प्रदर्शन करने से पच्चीस के करीब किसान कई तरह की बीमारियों में घिर गए हैं। तीन को गंभीर पेट दर्द, बुखार और सिरदर्द की शिकायत के चलते उन्हें दवा दी जा रही है। उन्होंने ऐलान किया है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपने सिर और मूंछें मुंडवा लेंगे। उन्हांेंने केंद्र सरकार पर अबतक उनकी आधी ही मांगें मानने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन करने वाले किसानों ने बताया कि निरंतर धरना-प्रदर्शन और भूखहड़ताल से 25 किसानों की तबियत बिगड़ गइ्र है। अब मांगांे को लेकर दबाव बनाने केलिए वे सिर, दाढ़ी और मूंछें मुंडवा कर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उनकी मांगें सुनने का आश्वासन दिया गया है। इसपर एक बैठक होने वाली है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि सूखा राहत कोष के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके सचिव से मिलने का समय मिल सकता है। इससे पहले, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर और द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (द्रमुक) के सांसद कनिमोझी ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की। तमिलनाडु के किसान राष्ट्रीयकृत बैंकों के तमाम ऋण माफ और राज्य में पानी की कमी दूर करने की मांग कर रहे हैं। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) के सदस्य और लोकसभा के उपसभापति एम थंबिदुरई ने भी इस हफ्ते जंतर मंतर पर आंदोलनकारी किसानों से मुलाकात कर उनकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने का भरोसा दिया था, जो अबतक पूरा नहीं हो पाया है।

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