कृषि आर्थिक शोध केंद्रों को मिलता रहेगा अनुदान, जैविक कृषि उत्पादों के निर्यात पर लगी मात्रा की सीमा हटेगी

मंत्रिमंडल की अहम बैठक में सरकार ने 12 कृषि आर्थिक शोध केंद्रों तथा तीन कृषि आर्थिक शोध इकाइयों को मिलने वाली अनुदान राशि की अवधि एक साल और बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में सभी जैविक कृषि उत्पादों के निर्यात पर लगी मात्रात्मक सीमा हटाने का भी फैसला लिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में कृषि आर्थिक शोध केंद्रों एवं कृषि आर्थिक शोध इकाइयों को मिलने वाली कुल 25 करोड़ रुपये की सालाना अनुदान राशि वित्त वर्ष 2017-18 में भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। इससे देश के विभिन्न राज्यों में कृषि तथा संबद्ध सेक्टरों में जमीनी स्तर पर किए जा रहे अध्ययन एवं प्रमुख कार्यक्रमों की निगरानी/समीक्षा के माध्यम से कृषि आर्थिक शोध के लिए महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ जुटाई जा सकेंगी। इससे कृषि तथा गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार भी बढ़ेगा। उधर, सरकार ने सभी जैविक कृषि उत्पादों के निर्यात पर लगी मात्रात्मक सीमा हटा दी है। समाचार एजेंसियों के मुताबिक, अब इन उत्पादों तथा प्रसंस्कृत जैविक कृषि उत्पादों का निर्बाध निर्यात किया जा सकेगा। हालांकि देश में दालों की कमी को देखते हुए इन पर से सीमा पूरी तरह हटाने की बजाय बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की हुई बैठक में ये फैसले लिए गए।

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