केजरीवाल बोले, कैप्टन साहब और खट्टर जी, दिल्ली को गैस चैंबर न बनने दें

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में घनी होती प्रदूषण की चादर से परेशान होकर इस मसले पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह और हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से बातचीत की इच्छा जताई है। केजरीवाल ने चेताया कि पड़ोसी प्रदेशों के मुख्यमंत्री नहीं सावधान हुए तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी।
दिल्ली के लिए वायु की गुणवत्ता के मामले में मंगलवार बेहद खराब रहा। पड़ोसी प्रदेशों में पराली जलाने से पैदा हुए जहरीले धुएं और नमी के संयुक्त प्रभाव से देश की राजधानी और एनसीआर ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो गए हैं। लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। भयंकर स्तर से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों के या तो टाइम टेबल बदल दिए गए या स्कूल ही बंद करा दिया गया। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने तथा वाहन चालकों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क चार गुना बढ़ाया गया है। इसके बावजूद बुधवार को भी दिल्ली और एनसीआर पर धुंध की घनी चादर छाई रही। केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि वह पंजाब एवं हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर पराली जलाने के समाधान खोजने के लिए उनके साथ एक बैठक करना चाहते हैं। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने दिल्ली में जन स्वास्थ्य को लेकर आपात स्थिति बताते हुए सरकार से स्कूलों में खुले में होने वाले खेलों और ऐसी अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की है। इधर, दिल्ली सरकार ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दमा एवं हृदय रोगियों सहित ऐसे तमाम लोगों केलिए परामर्श जारी किया है, जिनके इससे प्रभावित होने का खतरा अधिक है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा की सरकारों से नाराजगी जताते हुए पूछा है कि इस तरह के हालात बनने का पूर्वानुमान होने के बाद भी रोकथाम के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए।

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