गोवा का बजट पेशः आमों की व्यवसायिक खेती और गन्ना व फूलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर

मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली गोवा की नई भाजपा सरकार ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। वर्ष 2017-18 केलिए 11 प्रतिशत के आर्थिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान कृषि विकास, सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पर्रिकर सरकार का आमों के व्यवसायिक खेती, गन्ना और फूलों के उत्पादन को बढ़ाने पर जो रहेगा। पर्रिकर, जिनके पास वित्त विभाग भी है, ने 2017-18 का बजट प्रस्तुत करते हुए कोंकणी और मराठी में शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों के लिए अतिरिक्त अनुदान देने का ऐलान किया। उन्हांेने 10,872 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व और 10,670 करोड़ रुपये के व्यय के साथ 202 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष बजट पेश किया। न्यूज एजेंसी एएनआई की एक खबर में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2016-17 में गोवा का बजट आकार 14,694 करोड़ रुपये का था, जो बढ़कर 16,270 करोड़ रुपये हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा की प्रति व्यक्ति आय 2,71,793 रुपये है, जो कई राज्यों के मुकाबले अधिक है।
बजट में पर्रिकर ने कृषि क्षेत्र में 6 फीसदी की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 172 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बजट पेश करने के दौरान आमों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा। बागवानी और फूलों की खेती पर भी जोर रहेगा।
गोवा सरकार ने बजट में गन्ना की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रति हेक्टेयर सब्सिडी 10 हजार रुपये देने का भी प्रावधान रखा है।
बजट में दयानंद सामाजिक सुरक्षा योजना, गृह आधार और लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं को अहमियत दी गई है।
गोवा की नई सरकार ने सामाजिक क्षेत्र के लिए 900 करोड़ रुपये, महिलाओं और बच्चों के लिए 475 रुपये, आदिवासी कल्याण के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
लोक निर्माण विभाग के लिए आवंटन 40 प्रतिशत से बढ़कर 1900 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पर्रिकर ने 40 माइक्रोन की प्लास्टिक की थैलियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव रखा। बजट में गोवा को केरोसिन मुक्त बनाने पर भी बल दिया गया।

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