जलवायु परिवर्तन के जागरूकता के आह्वान के साथ विश्व पुस्तक मेला शुरू

कड़ाके के ठंड के बीच पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन की थीम पर 26वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला यहां शुरू हुआ। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के प्रसार एवं प्रयास का आह्वान किया गया।
पुस्तक मेला के पहले दिन पर्यावरणविद् सुनीता नारायण, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत तोमास्ज कोजलोस्की, नेशनल बुक ट्रस्ट के प्रमुख बलदेव भाई शर्मा और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव मधु रंजन कुमार ने नौ दिन चलने वाले इस वार्षिक मेले का उद्घाटन किया।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए आगंतुकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता फैलाना जरूरी है। इंसान ने धरती का सीमा से ज्यादा दोहन किया है। उन्होंने कहा कि हमने इस धरती से जरूरत से ज्यादा लिया है। समय आ गया है कि हम जागरूकता के महत्व को समझें और ऐसा बिजली की बर्बादी ना करने, सफर के लिए साइकिल का इस्तेमाल करने या पेट्रोल एवं डीजल चालित वाहनों की बजाए ज्यादा पैदल चलने जैसे सामूहिक प्रयासों के बिना संभव नहीं होगा।
दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेला 14 जनवरी तक चलेगा। इसमें देशभर के 800 से ज्यादा प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। कई अन्य देशों के प्रकाशक भी यहां अपनी पुस्तक के साथ आए हुए हैं। यूरोपीय संघ के 20 से ज्यादा देश अपने प्रकाशकों, संपादकों एवं लेखकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मेले में हिस्सा ले रहे हैं। यूरोपीय संघ के देशों के अलावा कनाडा, चीन, मिस्र, पाकिस्तान और ब्रिटेन जैसे 40 से ज्यादा देश इसमें हिस्सा लेंगे।

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