दबाव पर झुकीं वसुंधरा राजे, अभावग्रस्त घोषित हुए सवा हजार गांव

आखिरकार राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार को मानना पड़ा कि इनके प्रदेश के किसानों की स्थिति ठीक नहीं। प्राकृतिक आपदाओं ने उन्हें अधमरा कर दिया है। अकाल और सूखे से किसान बेहाल हंै। उन्हें राहत देने की मांग के आगे राजस्थान सरकार को झुकना पड़ा और शुक्रवार को सरकार ने अधिसूचना जारी कर सूबे के पाली, सिरोही, जालौर, बाड़मेर और जोधपुर जिलों के 1,290 गांवच अभावग्रस्त घोषित कर दिया।
किसान संगठनों एवं राजनीतिक दलों के दबाव बनाने पर जिलाधिकारियों से उपरोक्त जिलों में खरीफ फसल के खराब होने की जानकारी मिलने पर सरकार ने विशेष गिरदावारी कराई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर पाली के 509, सिरोही के 508, जालौर के 494, बाड़मेर के 231 एवं जोधपुर के चार गांवों को अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया। हालांकि प्रदेश कांग्रेस पूरे राजस्थान में खरीफ फसल के बर्बाद होने की बात कर रही है। इस मुददे पर झालावाड़ में किसान सम्मेलन के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को घेरने की कोशिश की। इधर,अधिसूचना में कहा गया है कि जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पाली जिले के पूर्व में घोषित 621 अभावग्रस्त गांवों में से 112 को नई सूची से हटा दिया गया है।

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