देश में 101 कोल्ड स्टोर को केंद्र सरकार ने दी मंज़ूरी

किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए अब केंद्र सरकार फल, फूल और अन्य कृषि उत्पाद को सहेजने के लिए कोल्ड स्टोरेज का जाल बिछाएगी। एकमुश्त 101 कोल्ड स्टोर की श्रृंखला बनाने के मसौदे को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने एक प्रेसवार्ता में विस्तार से इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब तक देश में केवल 133 कोल्ड चेन परियोजनाएं स्थापित की जा सकी हैं। लेकिन उनकी सरकार ने इस मसले को गंभीरता से लेते हुए एकमुश्त 101 कोल्ड परियोजनाओं को मंजूर किया है। आमतौर पर इन परियोजना को चालू होने में डेढ़ साल का समय लगता है। लेकिन आगामी दो सालों के भीतर सभी परियोजनाएं स्थापित हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि देश में फिलहाल केवल 2.2 फीसद फल और सब्जियों की ही प्रोसेसिंग हो पाती है। जल्दी खराब वाली ज्यादा जिंसों के चौपट होने की आशंका रहती है। लेकिन कोल्ड चेन के हो जाने से नुकसान होने की दर में कमी आएगी। बता दें कि ज्यादातर कोल्ड स्टोर का उपयोग केवल आलू के भंडारण में हो पाता है। इस नई व्यवस्था से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की वृद्धि दर बढ़ने की संभावना है। रखरखाव के अभाव में जल्दी खराब होने वाली सब्जियों, फल, मीट, पाल्ट्री और डेयरी उत्पाद को किसान के खेत से भंडारगृह के रास्ते उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का रास्ता आसान हो जाएगा।
बादल ने कहा कि कोल्ड चेन ग्रिड जैसे बुनियादी ढांचे की स्थापना से किसानों की आय को दोगुना करने में मदद मिलेगी। रोजगार सृजन में भी इससे मदद मिलेगी। इन 101 कोल्ड चेन परियोजना से कुल 2.76 लाख टन कोल्ड स्टोरेज की अतिरिक्त क्षमता बढ़ जाएगा। 56 लाख लीटर दूर की प्रोसेसिंग रोजाना हो सकेगी। कोल्ड चेन में खेतों से उपज को सीधे उठाकर फ्रीज वाले ट्रकों में लादने, उसकी ग्रेडिंग और छंटाई के साथ उसे कोल्ड स्टोर में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद उसे खुदरा बाजार के रास्ते उपभोक्ताओं के रसोई तक पहुंचाने का बंदोबस्त किया जा रहा है। इसमें केंद्र सरकार की मदद से राज्य सरकारें, छोटे से लेकर बड़े निवेशक और औद्योगिक घराने हिस्सा ले रही हैं।

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