पंजाब के किसानों की इस बार कॉटन से बंपर कमाई, मिल रहे मनमाफिक दाम

पंजाब के कॉटन के किसानों की इस बार बल्ले-बल्ले है। पिछले दो सीजन से सफेद मक्खी के कारण भारी घाटा झेल रहे किसानों को इस दफा कॉटन से खासा मुनाफा हो रहा है। बाजार में किसानों को कॉटन के दाम सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,060 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले 6,000 से 6,200 रुपये तक मिल रहे हैं। ऐसे में घाटा झेल रहे किसानों ने राहत की सांस ली है।
अभी कॉटन का दाम अपने शिखर पर है। इनमें आगे बढ़ौतरी की उम्मीद कम है। इसके बावजूद सीजन में अच्छे दाम मिलने से किसान बेहद खुश हैं। पिछले सीजन में कॉटन का न्यूनतम मूल्य 3,700 रुपये और अधिकतम 5,100 रुपये प्रति क्विंटल था। मौजूदा सीजन में अक्तूबर में ही दाम 4,700-4,800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। नवंबर-दिसंबर में 6,000 रुपये से लेकर 6,200 रुपये एवं फरवरी-मार्च में 6,000 से 6,200 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। पिछले दो सीजन में सफेद मक्खी की मार से घबराए किसानों ने पंजाब में पिछले साल के मुकाबले कॉटन बुवाई का रकबा साढ़े चार लाख हेक्टेयर से घटाकर करीब ढाई लाख हेक्टेयर कर दिया था। इस सीजन में किसानों ने करीब प्रति एकड़ करीब 8 क्विंटल की पैदावार हासिकल की है। पिछले साल पैदावार 3 क्विंटल प्रति एकड़ पर सिमट गया था।
वर्धमान स्पीनिंग एंड जनरल्स मिल्स के वरिष्ठ महाप्रबंधक व कॉटन विशेषज्ञ आईजे धुरिया का कहना है कि पिछले साल पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना समेत कई राज्यों में कॉटन का उत्पादन कम हुआ था। चालू सीजन में देशभर में कॉटन का रकबा 105 लाख हेक्टेयर रहा, जो अगले सीजन में बढ़कर 120 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने का अनमान है।

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