बेहतर जल प्रबंधन हो तो अगली हरित क्रांति बिहार से: रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बेहतर जल प्रबंधन किया जाए तो अगली हरित क्रांति बिहार से हो सकती है। वह पटना के बापू सभागार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं जन्म से बिहारी नहीं, कर्म से हूं। बिहारीपन मेरी पहचान है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिहार की जनता को बड़ा सौगात देते हुए तीसरे कृषि रोडमैप 2017-2022 का विधिवत उद्घाटन किया।
इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि बिहार में खेती के विकास के लिए वाटर मैनेजमेंट की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। परंपरागत जल प्रबंधन प्रणाली को व्यापक रूप से बढ़ाने पर विचार किया जाए। जल प्रबंधन प्रणाली बेहतर तरीके से लागू हो जाए तो अगली हरित क्रांति बिहार से हो सकती है। कृषि रोड मैप से बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर उत्तर-पूर्व के राज्यों तक सुधा डेयरी के उत्पाद पहुंच रहे हैं। बिहार के किसान मेहनती हैं। प्रदेश में कृषि की अपार संभावनाएं हैं। खाद्यान्न के लिए बिहार को सम्मानित किया गया है। अगली हरित क्रांति का गौरव बिहार को मिल सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि बिहार की छवि को और बेहतर बनाने की जरूरत है। कृषि रोडमैप से बिहार के इमेज को और बेहतर करने की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि बिहार प्राकृतिक संसाधनों से भरा-पूरा राज्य है। इसकी तरफ लोग आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। बिहार हरित क्रांति का अगुआ बने, ऐसी मेरी भी आकांक्षा है। कृषि के क्षेत्र में बिहार ने विकास किया है। किसानों के लिए यह कृषि रोडमैप तैयार किया गया है। बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि कृषि रोडमैप राज्य के लिए बड़ी बात है। यह केवल किसानों के लिए है।

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