योगी का जादू हरियाणा पर भी चला, उठने लगी किसानों की कर्ज माफी की मांग

योगी आदित्यनाथ के किसानों के कर्ज माफी स्कीम का ऐसा जादू चला कि महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों में इस फार्मूले के माध्यम से बैंकों के कर्ज मंे डूबे किसानों को राहत देने की मांग उठने लगी है। इस क्रम में हरियाणा में भी सुगबुहाट शुरु हो गई है। यूपी से अधिक समृद्ध प्रदेश होने के बावजूद हरियाणा के किसान भी गले तक कर्ज में डूबे हैं। सूबे के सबसे पिछड़ा जिला मेवात में ऋण न चुकाने की स्थिति में लगभग सतप्रतीशत किसानों की जमीन बैंकों में गिरवी है।
केवल एक हजार गन्न किसानों पर बैंकों एक हजार करोड़ रुपये बकाया है। आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2016 तक किसानों पर एचएससीएआरडीबी का 2075.42 करोड़ रुपये तथा हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूलर डेवलपमेंट बैंक यानी डीपीसीएआरडीबी का 1603.26 करोड़ बकाया था। 31 मार्च 2016 तक एचएससीएआरडीबी 28.89 तथा डीपीसीएआरडीबी मात्र 26.92 फीसदी ही बकाया वसूल पाया था। एनपीए का प्रतिशत क्रमश 73 तथा 62.3 प्रतिशत है। जो किसान लंबे समय तक कर्ज नहीं चुकाते उनकी जमीन बैंक गिरवी रख लेता है। एचएससीएआरडीबी की प्रदेश मंें कुल 76 शाखाएं हैं। ये शाखाएं प्रत्येक वर्ष अपनी ब्रांच के 25 बड़े कर्जदारों की तस्वीरें सार्वजनिक कर देते हैं। इनदिनों ग्रामीण बैंकों के बाहर कर्जदार किसानों के फोटो चस्पां किए जाने को लेकर कैथल, कुरुक्षेत्र, भिवानी, जगादरी आदि में बवाल मचा है। कैथल जिला ग्रामीण बैंक के प्रबंधक टीके राणा के अनुसर, बैंक नियमानुसार कर्जदारों के फोटो सार्वजनिक किए जा सकते हैं। जबकि भारतीय किसान संघर्ष समिति और किसान यूनियन ने बैंकों की इस कार्रवाई को रिजर्व बैंक के नियम के प्रतिकूल बताया है। बैंकों की ऐसी कार्रवाई को कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी गलत बताते हैं। उनका कहना है कि ‘‘सरकार के पास अभी कर्ज माफी की कोई योजना नहीं है। कर्ज माफ करने की बजाए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहन राशि देती रहती है। इसके अलावा बैंक कर्ज माफी को लेकर स्कीमें निकालते रहते हैं।’’ मगर योगी के कर्ज माफी के निर्णय से हरियाणा के छोटे किसानों के भी हौंसले बुलंद हो गए हैं। उनकी वकालत करते हुए इंडियन नेशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला कहते हैं कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को यूपी सरकार की स्कीम अपनानी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार की तरह इस प्रदेश से भी एक दल यूपी भेजा जाए ताकि कर्ज माफी स्कीम का अध्ययन कर इसे हरियाणा में लागू किया जा सके।

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