रुचि सोया शुरू करेगी तीन नई इकाइयां, किसानों को होगा लाभ

किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य के साथ तेल आयात शुल्क बढ़ाना उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित होगा। आयात शुल्क बढ़ने के साथ ही रिफाइनिंग क्षेत्र की कंपनियां अपनी नई यूनिट शुरू करने की योजना तैयार कर रही है। बता दें कि वित्त मंत्रालय ने कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेल दोनों पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 फीसदी और 25 फीसदी कर दिया है जबकि पहले यह 7.5 फीसदी और 15 फीसदी था।
आयात शुल्क में बढ़ोतरी से उत्साहित रुचि सोया ने अपनी तीन इकाइयों वाशिम, बारां और कोटा में अपना परिचालन फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। इन इकाइयों में कई वर्षों से परिचालन बंद पड़ा है।
विषेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से घरेलू खाद्य तिलहन पेराई और रिफाइनिंग उद्योग प्रतिस्पर्धी बनेगा और भारत में खाद्य तेल के उत्पादन को मजबूती मिलेगी। इससे रिफाइनर कंपनियों को कच्चे तेल का अधिक आयात करने में भी मदद मिलेगी।
रुचि सोया इंडस्ट्रीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दिनेश शाहरा कहते हैं, जीएसटी संगठित खाद्य तेल कंपनियों के लिए सकारात्मक है। जीएसटी के बाद खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में सरकार द्वारा बढ़ोतरी एक स्वागत योग्य कदम है। रुपये में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल कीमतों में नरमी से घरेलू उद्योग पर व्यापक दबाव पड़ा है और कई पेराई और रिफाइनिंग इकाइयां बंद होने के कगार पर पहुंच गई थीं। जल्द ही नई इकाइयां शुरू की जाएगी।

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