लहसुन और धनिया पर रोगों की मार

क्षेत्र में पैदा होने वाले मसाला लहसुन व धनिया पर भी घने कोहरे की मार पड़ रही है। धनिया में माहू कीट व लहसुन में पत्ती सिकुड़न रोग के साथ भुनका कीट का हमला जोरों पर है। मसाला खेती करने वाले किसान मायूस नजर आ रहे हैं। किसानों को बाजार में उचित भाव नहीं मिल पा रहा है। पुखरावां गांव के किसान प्रदीप कुमार व कुलदीप कुमार का कहना है कि घने कोहरे के कारण धनिया फसल पर असर पड़ने लगा है। फूलों के समय माहू कीट का जोर से हमला हो रहा है।

वहीं घरों में जलने वाले उपलों की राख के अलावा देसी उपाय कर चुके हैं, लेकिन कीट का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। इस कारण धनिया का उत्पादन कम होने की आशंका है। वहीं कटान वाली धनिया में माहू कीट से बाजारों में अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे है। ग्राहक माहू कीट लगी धनिया नहीं खरीद रहे हैं।

तलैया निवासी सतीश चंद्र, अयूबपुर निवासी अरविंद कुमार का कहना है कि खेत में लहसुन फसल का काफी संख्या में उत्पादन किया जाता है। सब्जी के साथ औषधियों में इस्तेमाल होता है। इस साल कोहरे की मार से पत्ती सिकुड़न रोग के साथ भुनका कीट का जोर लग रहा है। इस कारण लहसुन की ग्रोथ बढ़ नहीं रही है। अधिक समय तक कोहरा पड़ा तो उत्पादन प्रभावित होगा। नुकसान उठाना पड़ेगा।

कृषि विज्ञान एवं उद्यान केंद्र, अनौगी के डा. अमर सिंह ने बताया कि माहू कीट व भुनका कीट के कारण ही पत्तियां सिकुड़ जाती हैं। दोनों फसलों पर इमिडा क्लोरोपिड दवा का घोल बनाकर छिड़काव करें। भुनका रोग व पत्ती सिकुड़न से निजात मिलेगी।

Related posts

Leave a Comment