हरियाणा की तैयारी पूरी, एक अप्रैल से गेहूं, सरसों की खरीद शुरु

हरियाणा में एक अप्रैल से गेहूं और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में खरीद की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई जिसमंे जानकारियां का आना-प्रदान हुआ। सरकार ने राज्य के ट्रांसपोर्टरों को अपने ट्रक आढ़ती एसोसिएशन और जिला प्रशासन को मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर मंडियों से गेहूं का उठान संभव हो सके। ट्रक उपलब्ध नहीं होने पर आढ़ती ट्रैक्टर-ट्रालियों से गेहूं गोदामों तक पहुंचाएंगे।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि गेहूं उठान में देरी कर किसानों को भ्रमित करने के लिए लेबर, ट्रांसपोर्टर व आढ़तियों के बीच खेल चलता है, उससे मुक्ति दिलाना केलिए खरीद की निगरानी की जाएगी।
इस साल 75 लाख मीट्रिक टन खरीद का अनुमान है। नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद ने बताया कि पिछले वर्ष 67 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस वर्ष गेहूं की बंपर पैदावार हुई है, इसलिए 75 लाख मीट्रिक टन खरीद की उम्मीद है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग व हैफेड 33-33 प्रतिशत, हरियाणा भंडागार व भारतीय खाद्य निगम 12-12 प्रतिशत तथा हरियाणा कृषि उद्योग को 10 प्रतिशत गेहूं की खरीद का कोटा आवंटित किया गया है।
एक समाचार के अनुसार, सरसों की भारत सरकार के निर्धारित मानदंडों के तहत 8 प्रतिशत नमी के साथ खरीद की जाती है। इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 3700 रुपये प्रति क्विंटल है, जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा 100 रुपये का बोनस भी शामिल है। हैफेड के प्रबंध निदेशक ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी हैफेड अपनी मिलों के लिए एक लाख क्विंटल सरसों खरीद करेगा।

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