2022 में किसानों की आमदनी होगी दोगुनी, आर्थिक समीक्षा में जेटली का दावा

समीक्षक कह रहे हैं कि पिछले वर्ष भर देश के किसानों की परेशानियों में कोई कमी नहीं आई। इसके चलते मुल्कभर में साढ़े छह सौ से अधिक बार आंदोलन हुए। फिर भी केंद्र सरकार का दावा है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए सरकार अनेक मार्चों पर काम कर रही है। बीज से बाजार तक में सुधारिकरण का दौर जारी है।
देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बजट सत्र के पहले दिन 2017-18 की आर्थिक समीक्षा पेश की। इसमें कहा गया कि सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से संस्थानात्मक स्रोतों जैसे ऋण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, लागत प्रबंध, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पीएमएफबीवाई को बढ़ाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। मौजूदा वित्त वर्ष में किसानों के लिए 20,339 करोड़ रुपये मंजूर हुए। कृषि क्षेत्र में उच्च उत्पादकता और समग्र उत्पादन प्राप्त करने के लिए ऋण एक महत्वपूर्ण पहलू है। लघु अवधि फसल ऋण पर किसानों को प्रदान की जाने वाली ब्याज सहायता से उत्पन्न होने वाली विभिन्न देयताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने 2017-18 में 20,339 करोड़ रुपये मंजूर किए। फसल कटाई के बाद भंडारण संबंधी ऋण देश में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आगत अपेक्षा को पूरा करता है। इस बेहतर बनाया गया है। सरकार ने अप्रैल 2016 में इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) शुुरू किया। इसके माध्यम से एपीएमसी को एक मंच पर लाने व किसानों को ऑनलाइन व्यापार के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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